मेयर शिवराज पासवान हत्यााकांड में BJP विधायक के भतीजे का नाम, घटनास्थल से 2 पिस्टल बरामद

बिहार के कटिहार में मेयर हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है. कटिहार महापौर शिवराज पासवान की हत्याकांड के पीछे कई बड़े लोगों का नाम सामने आया है. जिससे सियासी गलियारे में खलबली मच गई है. मेयर शिवराज पासवान की हत्याकांड मामले में बीजेपी की विधायक कविता पासवान उर्फ़ कविता देवी के भतीजे नीरज पासवान का नाम सामने आया है. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया मामले की जांच जारी है. जिले के सीनियर अधिकारी खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं.

कटिहार के कोढ़ा सुरक्षित विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कविता पासवान उर्फ़ कविता देवी के भतीजे नीरज समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ कटिहार नगर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि 12 लोगों में दो महिलाओं के भी नाम शामिल है. नीरज पासवान के अलावा शुभम उर्फ़ तारे और कुमकुम देवी का भी नाम शामिल है. थानेदार ने ये भी बताया कि इस हत्याकांड में एक अज्ञात शख्स भी शामिल है. जिसके खिलाफ म्रुतक के परिजनों ने आवेदन दिया है. कटिहार मेयर हत्याकांड में दर्जन भर लोगों का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. आपको बता दें कि स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी नीरज पासवान दबंग छवि का शख्स है. नीरज कोढ़ा की विधायक कविता पासवान का भतीजा है. गौरतलब हो कि अनुसूचित जाती सुरक्षित विधानसभा सीट कोढ़ा से कविता ने महागठबंधन समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार पूनम कुमारी को भारी अंतर से हराया था.

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक मेयर हत्याकांड में नीरज पासवान का नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड को कटिहार नगर निगम की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. गौरतलब हो कि आरोपी नीरज पासवान के छोटे चाचा मलिक पासवान नगर निगम के पार्षद थे, जिनकी मौत बीते वर्ष कोरोना में हो गयी थी. नगर की राजनीति में शिवराज पासवान और मलिक पासवान एक दूसरे के चीर प्रतिद्वंदी थे. मलिक पासवान के महापौर  बनने का सपना शिवराज ने कभी पूरा होने नहीं दिया था. मौजूदा वक्त में शिवराज महापौर बन गए थे. दरसल एक ही इलाके के रहने वाले शिवराज पासवान और उनके प्रतिद्वंदियों में शुरू से भी कई अंतर्कलह की बात सामने आई थी. दिन दूनी रात चौगनी शिवराज पासवान की तरक्की उनके दुश्मनों के आंखों में गड़ रही थी. शिवराज पासवान नगर निगम की राजनीति में अपने भाई को भी उतरना चाहते थे. तीन से चार वार्ड में वह अपना दबदबा कायम करना चाहते थे. जिससे की वे अपने पद पर और भी मजबूती के साथ बने रहे. स्थानीय लोग भी शिवराज पासवान की कार्यशैली और उनकी मिलनसार स्वाभाव को काफी पसंद करते थे.

एक पहलू ये भी है कि शिवराज पासवान धीरे-धीरे निगम की राजनीति से आगे बढ़कर प्रदेश की राजनीति में सक्रीय हो रहे थे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े-बड़े नेताओं के साथ उनकी अच्छी जान पहचान बढ़ते ही जा रही थी. हाल में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी आशीर्वाद यात्रा के दौरान शिवराज पासवान के घर पर जाकर मुलाकात की थी. इस दौरान चिराग काफी देर तक शिवराज पासवान के घर पर मौजूद थे.

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