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Mutual Fund में जमकर लगा पैसा, दिसंबर में 31,002 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा SIP इनफ्लो

Mutual Fund
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Mutual Fund : देश की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए दिसंबर का महीना ऐतिहासिक साबित हुआ है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंथली सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिए दिसंबर में रिकॉर्ड 31,002 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह नवंबर के 29,445 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है और अब तक का सबसे ऊंचा मासिक SIP कलेक्शन माना जा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो SIP योगदान में महीने-दर-महीने करीब 5 फीसदी और सालाना आधार पर 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बता दें कि दिसंबर 2024 में SIP निवेश 26,459 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा निवेशकों के बढ़ते भरोसे की कहानी बयां करता है। जहां SIP निवेश नई ऊंचाई पर पहुंचा, वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में दिसंबर के दौरान थोड़ी नरमी देखने को मिली।

Mutual Fund में जमकर लगा पैसा

नवंबर में जहां इक्विटी फंड्स में 29,911 करोड़ रुपये का निवेश आया था, वहीं दिसंबर में यह घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया। इसका मतलब है कि इसमें करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इक्विटी कैटेगरी में गिरावट के बावजूद फ्लेक्सी-कैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। दिसंबर में इस कैटेगरी में रिकॉर्ड 10,019 करोड़ रुपये का इनफ्लो देखने को मिला।

नेट फ्लो में दिखा बड़ा उतार-चढ़ाव

दिसंबर 2025 में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने कुल मिलाकर 66,591 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो दर्ज किया। इसके उलट नवंबर में इंडस्ट्री को 32,755 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो मिला था। दिसंबर में निवेशकों ने सोने में भी जमकर दिलचस्पी दिखाई। गोल्ड ETF में 11,647 करोड़ रुपये का मजबूत इनफ्लो दर्ज किया गया, जो नवंबर के 3,742 करोड़ रुपये से कई गुना ज्यादा है।

निवेशकों की सोच में आया बदलाव

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के मुताबिक, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक पूरी तरह पीछे नहीं हटे हैं। अब वे ज्यादा संतुलित पोर्टफोलियो, डायवर्सिफिकेशन और रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस कर रहे हैं। दूसरी ओर, सेक्टोरल फंड्स में महीने-दर-महीने करीब 49 फीसदी की तेज गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर में इनफ्लो घटकर 945 करोड़ रुपये रह गया। स्मॉल-कैप फंड्स में भी 13 फीसदी की कमी आई। वहीं, डिविडेंड यील्ड और ELSS फंड्स में आउटफ्लो देखने को मिला। जानकारों का मानना है कि जेन Z, महिलाओं और छोटे शहरों से बढ़ती भागीदारी के चलते SIP और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री आने वाले समय में और मजबूती पकड़ सकती है।

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