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Mukesh Ambani ने किया चौकाने वाला खुलासा, 5 मिनट में कर दी थी 2700 करोड़ रुपये की डील

Mukesh Ambani
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Mukesh Ambani : मुंबई में आयोजित जियो ब्लैकरॉक के ‘Investing for a New Era’ इवेंट में एक ऐसा किस्सा सामने आया, जिसने कॉरपोरेट दुनिया को चौंका दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो ब्लैकरॉक जैसी बड़ी फाइनेंशियल पार्टनरशिप किसी लंबी बोर्ड मीटिंग या महीनों की बातचीत का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह महज पांच मिनट की कार राइड में तय हो गई।

मुकेश अंबानी के मुताबिक साल 2023 में उनकी और ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक के बीच एक अनौपचारिक बातचीत हुई। उसी दौरान उन्होंने कहा कि ब्लैकरॉक को भारत में दोबारा मजबूती से कदम रखना चाहिए। जवाब में लैरी फिंक ने सीधा सवाल किया कि क्या आप मेरे साथ पार्टनरशिप करेंगे? इसी एक सवाल ने इतिहास की दिशा बदल दी।

Mukesh Ambani ने किया चौकाने वाला खुलासा

लैरी फिंक ने भी मंच से माना कि उन्हें पॉइंट ए से पॉइंट बी तक जाना था और उसी सफर के दौरान पूरी डील फाइनल हो गई। न लंबी फाइलें, न कानूनी दस्तावेजों की मोटी गड्डियां बस साफ सोच और आपसी भरोसा। यही तेजी इस डील को खास बनाती है। इस बातचीत का नतीजा रहा 300 मिलियन डॉलर यानी करीब 2717 करोड़ रुपये का जॉइंट वेंचर। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक इसमें बराबर के भागीदार बने। इस साझेदारी से भारत में एसेट मैनेजमेंट और निवेश सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ब्लैकरॉक की वैश्विक ताकत

ब्लैकरॉक दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी मानी जाती है। दिसंबर 2025 तक कंपनी करीब 14 ट्रिलियन डॉलर के निवेश का प्रबंधन कर रही थी। ऐसे में भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में इसकी एंट्री को फाइनेंशियल सेक्टर के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह डील सिर्फ दो अरबपतियों के निजी रिश्ते का नतीजा नहीं है, बल्कि भारत की फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में मौजूद विशाल संभावनाओं को भी दिखाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, युवा निवेशक और तेजी से बढ़ता मिडिल क्लास ये सभी इस साझेदारी की मजबूत नींव बने।

मुकेश अंबानी का कारोबारी कद

मुकेश अंबानी जिस रिलायंस समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। वह मीडिया, रिटेल, टेलीकॉम, फाइनेंशियल सर्विसेज, तेल और गैस जैसे कई क्षेत्रों में फैला है। कंपनी का रेवेन्यू 125 बिलियन डॉलर के आसपास है, जबकि फोर्ब्स के अनुसार अंबानी की नेटवर्थ करीब 103.8 बिलियन डॉलर आंकी गई है। बड़े फैसले हमेशा बंद कमरों में नहीं होते। कभी-कभी एक छोटी सी बातचीत, सही समय और सही सोच मिल जाए, तो पांच मिनट का सफर भी अरबों की इबारत लिख देता है।

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