MP News : नर्मदापुरम जिले के मशहूर पर्यटन स्थल पचमढ़ी में सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक होटल के भीतर जोरदार धमाका हो गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे होटल सिनेरिटी में हुए एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट की आवाज दूर तक सुनाई दी। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक कंपन महसूस किया गया। शांत पहाड़ी इलाके में हुए इस हादसे ने कुछ ही पलों में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया।
धमाके के वक्त होटल में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले से आया एक परिवार ठहरा हुआ था। हादसे में परिवार के चार सदस्य घायल हो गए। वहीं होटल में काम कर रहा एक कुक भी आग की चपेट में आकर झुलस गया। अचानक हुए धमाके और धुएं के कारण होटल में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग जान बचाकर बाहर की ओर भागते नजर आए।
MP के पचमढ़ी में हुआ गैस धमाका
घटना की सूचना मिलते ही पचमढ़ी थाना प्रभारी पदम सिंह मौर्य पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। प्राथमिक कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को एंबुलेंस से पचमढ़ी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए पिपरिया रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया ताकि किसी और तरह की अनहोनी न हो।
हैरानी की बात यह रही कि जिस होटल में ब्लास्ट हुआ, वह पचमढ़ी थाने से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। बताया जा रहा है कि होटल सिनेरिटी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पचमढ़ी के सहायक संचालक संजीव शर्मा का है। होटल का संचालन पिछले करीब डेढ़ साल से कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल किराए पर कर रहे हैं। इतने संवेदनशील इलाके में सुरक्षा इंतजामों पर अब सवाल उठने लगे हैं।
होटल सील
हादसे की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम से फोरेंसिक टीम को जांच के लिए रवाना किया गया है। तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर होटल परिसर को सील कर दिया गया है और किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही। पुलिस जांच के दौरान होटल के भीतर एक कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलने की पुष्टि हुई है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि ब्लास्ट तकनीकी खराबी से हुआ या फिर लापरवाही इसकी वजह बनी। सिलेंडर की स्थिति, पाइपलाइन और किचन सेटअप की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।
स्थानीय लोगों पर असर
पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थल पर इस तरह की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि यहां सालभर देशभर से हजारों पर्यटक आते हैं। सालों भर केंद्र और राज्य सरकार को यहां से आर्थिक मजबूती मिलती है। इससे स्थीनय लोगों को रोजगार के रास्ते भी मिलते हैं… ऐसे में होटलों और रेस्टोरेंट में गैस और फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देकर ही ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। अगर समय रहते सबक नहीं लिया गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा भी हो सकता है।
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