Chhattisgarh News:- छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में धान को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के को प्रबंधन और लापरवाही के चलते दो धान संग्रहण केंद्रों में पेंड्रा रोड के लोहराझोरकी और मरवाही के गुल्लीडांड में भंडार 20000 क्विंटल धान खराब हो गया। इस धान की कीमत लगभग 6 करोड़ 20 लाख रुपए तक बताई जा रही है। इस मामले के बाद सभी जिम्मेदार अधिकारी चुपचाप बिना किसी जवाब के चुप्पी साधे हुए बैठे हैं।
लापरवाही के चलते धान खराब
छत्तीसगढ़ में धान की बंपर पैदावार होती है। किसान सरकार को धान बेचती है। जिसके बाद इसकी पूरी जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ मर्यादित की रहती है। लेकिन इसके बावजूद गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में साल 2024 से 25 में खरीदे हुए लगभग 14.57 लाख क्विंटल धान में कुछ धान संग्रहण केन्द्रो में भंडार करवाया गया था लेकिन पेंड्रा रोड में ₹22015 बोरों में लगभग 13059 क्विंटल और मरवाही के गुल्लीडांड में 13059 बोरों में 8133 क्विंटल धान रखा गया था। धान अमानक घोषित कर दिया गया है।
1000 से ज्यादा बोरे हुए कम
जानकारी के मुताबिक बोरों में भरा हुआ धान खराब हो चुका है, उसकी जगह कला और सड़ा हुआ भूसा हाथ लगा है। इन बोरे में लगभग 40 किलो धान आता है। वहीं अब 8 से 10 किलो ही रह गया है। वही फिजिकल वेरिफिकेशन में गुल्लीडांड मैं लगभग 800 बोरी और पेंड्रा रोड में 1000 से ज्यादा बोरो की कमी देखने को मिली है। इसके जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
अधिकारियों ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर जिला विपणन अधिकारी हरीश शर्मा लगातार संपर्क करने पर भी चुप्पी साधे हुए हैं। गुल्लीडांड के संग्रहण केंद्र प्रभारी ने मौसम को वजह बताई और सुरक्षा सुरक्षा खर्च के बावजूद भी करोड़ों का ध्यान बर्बाद हो चुका है। इस मामले पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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