BREAKING : बिहार कांग्रेस के नये अध्यक्ष के लिए कवायद तेज, रेस में आगे चल रहीं मीरा कुमार और रंजीता रंजन

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के घटक दल के रूप में 19 सीटों पर विजय हासिल करने वाली कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल शुरू हो गई है. दरअसल बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास (Bhakta Charan Das) के पिछले दौरे के दौरान ही इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि बिहार में पार्टी के संगठनात्मक स्वरूप में जल्दी बदलाव आएगा. बता दें कि बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉक्टर मदन मोहन झा (Dr. Madan Mohan Jha) का कार्यकाल भी इसी साल सितंबर महीने में खत्म हो रहा है और ऐसे में पार्टी आलाकमान तक संगठन के नये स्वरूप को लेकर नेताओं द्वारा अपने-अपने विचारों को पहुंचाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है. वैसे ज्यादातर संभावना इस बात की है कि मदन मोहन झा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद ही नए अध्यक्ष को पद पर बिठाया जाएगा.

पार्टी सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष पद की रेस में कई नामों की चर्चा है. सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष पद की रेस में बिहार की मीरा कुमार और रंजीता रंजन का नाम चर्चा में है. खबर है कि दलित वोटों को साधने के लिए मीरा कुमार का नाम चर्चा में है. मीरा कुमार देश के प्रख्यात दलित नेता और उपप्रधानमंत्री रहे बाबू जगजीवन राम की बेटी हैं. उनका जन्म पटना में हुआ. उन्होंने सामाजिक, राजनैतिक और प्रशासनिक, सभी मोर्चों पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है. शायद वे देश की इकलौती महिला नेत्री हैं जिन्हें यूपी, दिल्ली और बिहार जैसे तीन तीन राज्यों से लोकसभा पहुंचने का गौरव हासिल है. मीरा कुमार ने पहला चुनाव वर्ष 1985 में यूपी की बिजनौर सुरक्षित सीट से कांग्रेस के टिकट पर लड़ा. दरअसल यह इस सीट से 1984 में कांग्रेस के गिरधारी लाल जीते थे. उनके निधन के चलते हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने मीरा कुमार और लोकदल ने रामविलास पासवान को मैदान में उतारा था. इस चुनाव में मीरा कुमार ने करीब तीन हजार वोटों से पासवान को हराकर अपना राजनैतिक सफर शुरू किया. वहीं रंजीता रंजन भी बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए काफी चर्चा में हैं. रंजीता रंजन जाप सुप्रीमो पप्पू यादव की पत्नी हैं.

बता दें कि अपने हाल के बिहार दौरे के दौरान बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने मीडिया से बात करते हुए इस बात की जानकारी दी थी कि वह अपने इस दौरे के दौरान संगठन को लेकर नेताओं से मिले फीडबैक से संबंधित रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि आलाकमान के पास भक्त चरण दास की रिपोर्ट बहुत मायने रखेगी.

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