Lifestyle News : आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग लगातार काम में लगे रहते हैं और यही मान लेते हैं कि हमेशा बिजी रहना ही सफलता की निशानी है। लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो बिना रुके काम करने से शरीर ही नहीं, दिमाग भी थक जाता है। धीरे-धीरे यह स्थिति ‘बर्नआउट’ में बदल सकती है, जो व्यक्ति की सेहत और काम दोनों पर असर डालती है। दिल्ली के PSRI Hospital की कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट Arpita Kohli के अनुसार, बर्नआउट सिर्फ शारीरिक थकान नहीं है। यह मानसिक और भावनात्मक रूप से भी इंसान को खाली कर देता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग अपने काम और निजी जिंदगी के बीच साफ सीमाएं तय करें, ताकि संतुलन बना रहे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर समय हां कहना सबसे बड़ी गलती होती है। इससे काम का दबाव बढ़ता जाता है और व्यक्ति खुद के लिए समय नहीं निकाल पाता। ऐसे में अपनी लिमिट समझना और जरूरत पड़ने पर ना कहना बेहद जरूरी है।
Lifestyle: हर समय काम करना नहीं है सफलता
इससे समय और ऊर्जा दोनों को सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। लगातार काम करने से ध्यान भटकता है और गलतियां बढ़ती हैं। इसके उलट, अगर आप बीच-बीच में छोटा ब्रेक लेते हैं, तो दिमाग को आराम मिलता है। इससे आप ज्यादा फोकस के साथ काम कर पाते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही समय पर लिया गया ब्रेक आपकी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने में मदद करता है।
मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है असर
बाउंड्रीज तय करने का फायदा सिर्फ काम तक सीमित नहीं है। इससे तनाव कम होता है और व्यक्ति खुद को बेहतर महसूस करता है। जब आप अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं, तो काम बोझ नहीं लगता, बल्कि उसे करने में रुचि बढ़ती है। इसका सीधा असर आपके करियर और निजी जीवन दोनों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुद के लिए समय निकालना कोई कमजोरी नहीं है। यह एक समझदारी भरा फैसला है। अगर आप लंबे समय तक अच्छा काम करना चाहते हैं, तो अपने शरीर और दिमाग को आराम देना जरूरी है। सही संतुलन बनाकर ही आप बर्नआउट से बच सकते हैं और अपने लक्ष्य को बेहतर तरीके से हासिल कर सकते हैं।
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