LG Electronics Share Price : LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर में 8 जनवरी को अचानक तेज गिरावट देखने को मिली। तीन महीने का शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड पूरा होते ही निवेशकों में बेचैनी साफ नजर आई। ट्रेडिंग की शुरुआत से ही स्टॉक दबाव में रहा और एक समय यह 4 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 1,393.20 रुपये तक पहुंच गया, जो लिस्टिंग के बाद का अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। हालांकि दिन के कारोबार में थोड़ी रिकवरी भी दिखी, लेकिन कमजोरी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
शेयर में गिरावट के बाद कुछ खरीदारों की एंट्री जरूर हुई, जिससे नुकसान थोड़ा सीमित हुआ। दोपहर करीब 2 बजे तक यह शेयर बीएसई पर 27 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,429 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा। बाजार जानकारों के मुताबिक, लॉक-इन खुलते ही संभावित सप्लाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया, जिसका असर कीमत पर पड़ा।
LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयर में तेज गिरावट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के करीब 1.52 करोड़ शेयर अब ट्रेडिंग के लिए पात्र हो गए हैं। यह संख्या कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2 प्रतिशत बताई जा रही है। पिछले क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से इन शेयरों की कुल बाजार वैल्यू करीब 2,200 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ये सभी शेयर तुरंत बाजार में बिक जाएंगे।
लिस्टिंग से अब तक का सफर
LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने 10 दिसंबर को शेयर बाजार में एंट्री की थी। NSE पर इसकी लिस्टिंग 1,710 रुपये से ज्यादा के भाव पर हुई थी, जबकि IPO प्राइस 1,140 रुपये रखा गया था। 11,600 करोड़ रुपये से ज्यादा के इस IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और यह करीब 54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके बावजूद, मौजूदा भाव लिस्टिंग प्राइस से लगभग 18 प्रतिशत नीचे बना हुआ है।
क्यों आई शेयर में कमजोरी
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट का बड़ा कारण लॉक-इन पीरियड का खत्म होना और मुनाफावसूली की आशंका है। इसके अलावा, बीते समय में GST से जुड़े बदलाव, कच्चे माल की बढ़ती लागत और प्रमोशनल खर्च बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखने को मिला है, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं।
कंपनी आने वाले 4-5 सालों में करीब 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि आने वाले समय में मार्जिन में सुधार होगा और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर बेहतर रिटर्न दे सकता है।
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