Largest State : भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि सभ्यताओं, परंपराओं और इतिहास की अनगिनत कहानियों का संगम है। यहां हर राज्य, हर शहर और हर कस्बा अपनी अलग पहचान और गौरव के साथ खड़ा है। हजारों वर्षों पुरानी संस्कृति, विविध भाषाएं, अलग-अलग पहनावे, खानपान की परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहर भारत को दुनिया के सबसे अनोखे देशों में शामिल करती हैं। मौर्य, गुप्त, मुगल और राजपूत काल से लेकर आधुनिक भारत तक की यात्रा इस भूमि को ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध बनाती है। मंदिर, मस्जिद, किले, महल और लोक परंपराएं भारत की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत रखती हैं।
यही वजह है कि भारत को ‘विविधताओं में एकता’ का प्रतीक माना जाता है। देश के अलग-अलग हिस्से अपनी विशिष्ट परंपराओं और विकास की अलग-अलग भूमिकाओं के साथ भारत की पहचान को मजबूत करते हैं।
Largest State: भारत का सबसे बड़ा राज्य
भारत में हजारों शहर हैं, जिनमें हर एक की अपनी खासियत है। कोई शहर शिक्षा का केंद्र है, तो कोई व्यापार और उद्योग का हब माना जाता है। कुछ शहर सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं, तो कुछ आधुनिक विकास और रोजगार के बड़े अवसर प्रदान करते हैं। कई शहर ऐसे भी हैं, जहां युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए जाते हैं। हर शहर देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
राजस्थान (Rajasthan)
प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के लिहाज से भारत के राज्यों से जुड़े तथ्य काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है। इसका कुल क्षेत्रफल करीब 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है, जो इसे देश का सबसे विस्तृत राज्य बनाता है। भौगोलिक रूप से राजस्थान का बड़ा हिस्सा थार मरुस्थल में फैला हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यह राज्य पर्यटन, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के मामले में बेहद समृद्ध है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
राजस्थान की राजधानी जयपुर है, जिसे ‘पिंक सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस राज्य का इतिहास राजपूत शासकों के साहस, वीरता और गौरव से जुड़ा रहा है। यहां के किले, महल और प्राचीन नगर राजपूत काल की शान और स्थापत्य कला की शानदार मिसाल हैं। मेहरानगढ़ किला, आमेर किला, सिटी पैलेस और हवा महल जैसे ऐतिहासिक स्थल राजस्थान की भव्यता को दर्शाते हैं।
लोकप्रिय पर्यटन राज्य
राजस्थान देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन राज्यों में से एक है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर, जैसलमेर और आमेर जैसे शहर हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां की झीलें, रेगिस्तान, महल, मंदिर और लोक संस्कृति पर्यटकों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और शाही अंदाज को देखने आते हैं।
सबसे छोटा जिला
राजस्थान का सबसे छोटा जिला धौलपुर है, जबकि बाड़मेर को राज्य के सबसे गर्म जिलों में गिना जाता है। जैसलमेर, जोधपुर, चूरू और फलोदी भी अत्यधिक गर्मी के लिए प्रसिद्ध हैं। थार रेगिस्तान का विस्तार इस राज्य को भौगोलिक दृष्टि से खास बनाता है, जहां कठोर मौसम के बावजूद लोगों ने अपनी जीवनशैली और परंपराओं को जीवित रखा है। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में आयोजित होने वाला पुष्कर मेला राजस्थान की पहचान का अहम हिस्सा है। यह ऊंटों का मेला दुनिया के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक माना जाता है। यहां पारंपरिक संगीत, नृत्य, लोक कला और रंग-बिरंगे परिधानों की झलक देखने को मिलती है। यह आयोजन राजस्थान की जीवंत लोक संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाई देता है।
The vibrant spirit of Rajasthan will come alive at Nagaur Cattle Fair 2026, where tradition, trade, and celebration unite in grand style. #NagaurCattleFair2026 #Nagaur #Rajasthan #RajasthanTourism
(1/2) pic.twitter.com/JbV3BI8ZKc— Rajasthan Tourism (@my_rajasthan) January 20, 2026
खानपान और रहन-सहन
राजस्थान का इतिहास वीरता, परंपरा और शौर्य की कहानियों से भरा हुआ है। यहां का खानपान, पहनावा और रहन-सहन इसे अन्य राज्यों से अलग पहचान देता है। दाल-बाटी-चूरमा, घेवर और कचौड़ी जैसे व्यंजन यहां की परंपरा का हिस्सा हैं। पर्यटन से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलता है और यह राजस्थान को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाता है।
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