Kerala Assembly Election : केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार Bharatiya Janata Party राज्य में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रचार को धार देने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरों को मैदान में उतारने का फैसला किया है। इसी कड़ी में Narendra Modi और Amit Shah समेत कई वरिष्ठ नेता राज्य का दौरा करेंगे। भाजपा का लक्ष्य 140 सदस्यीय विधानसभा में पहली बार मजबूत प्रदर्शन कर राजनीतिक समीकरण बदलना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी चुनावी माहौल को गरमाने के लिए राज्य में दो बड़े दौरे करने वाले हैं। इन दौरों के दौरान वे कई जनसभाओं को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश करेंगे।
Kerala Assembly Election
भाजपा का प्रचार अभियान खास तौर पर उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां पार्टी को समर्थन बढ़ने की उम्मीद दिखाई दे रही है। इन जिलों में Kasaragod, Palakkad, Thiruvananthapuram, Kollam और Thrissur प्रमुख माने जा रहे हैं। चुनाव प्रचार को और मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य में कई सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी प्रचार अभियान में हिस्सा लेंगे। पार्टी रणनीतिक रूप से कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क अभियान चलाकर बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हुई है। भाजपा का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में ऊर्जा आएगी और मतदाताओं तक पार्टी का संदेश अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा।
हाल के चुनावी नतीजों से बढ़ा आत्मविश्वास
केरल में भाजपा का आत्मविश्वास हाल के चुनावी परिणामों से भी बढ़ा है। खास तौर पर Suresh Gopi की त्रिशूर लोकसभा सीट पर बड़ी जीत को पार्टी एक अहम मोड़ मान रही है। उन्होंने लगभग 70 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से जीत हासिल कर राज्य की राजनीति में नई चर्चा पैदा कर दी थी। इसके अलावा स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा को कुछ महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। खासकर Thiruvananthapuram Municipal Corporation पर नियंत्रण हासिल करना पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
केरल में नई जमीन तलाशने की कोशिश
केरल की राजनीति पर लंबे समय से दो प्रमुख गठबंधनों का दबदबा रहा है, लेकिन भाजपा इस समीकरण को बदलने की कोशिश में लगी हुई है। पार्टी का मानना है कि मजबूत संगठन, आक्रामक प्रचार और शीर्ष नेताओं की सक्रियता से उसे इस बार बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे राज्य में राजनीतिक माहौल और भी गरमाने की उम्मीद है।
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