Jamui Train Accident : सिमुलतला के पास हुए भीषण रेल हादसे के बाद अब रेलवे प्रशासन ने जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। दुर्घटना के बाद लगातार उठ रहे सवालों और जांच के दबाव के बीच रेलवे बोर्ड ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (DRM) विनीता श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। बता दें कि रेलवे अब सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक को हल्के में नहीं लेने वाला। दरअसल, पूर्वी रेलवे द्वारा शुक्रवार, 02 जनवरी 2026 को जारी कार्यालय आदेश संख्या जीभीआई/02/2026 में इस तबादले की पुष्टि की गई।
आदेश के मुताबिक, विनीता श्रीवास्तव को पश्चिम मध्य रेलवे में स्थानांतरित किया गया है। वह एनएफ-एचएजी स्तर की आईआरएसएमई अधिकारी हैं। आसनसोल मंडल में व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए रेलवे ने तुरंत वैकल्पिक इंतजाम किए हैं।
Jamui Train Accident: DRM का हुआ तबादला
सीएमएम/वैगन/ईआर के पद पर तैनात सुधीर कुमार शर्मा को आसनसोल मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आदेश में साफ किया गया है कि जब तक नए नियमित डीआरएम की नियुक्ति नहीं होती, तब तक वही मंडल की कमान संभालेंगे। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा और परिचालन की कड़ी समीक्षा की जाएगी।
सीपीआरओ ने की पुष्टि
डीआरएम स्तर पर हुए इस बड़े फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि पूर्व रेलवे के सीपीआरओ कोलकाता शिवराम मांझी ने भी की है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और सिमुलतला हादसे से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। बता दें कि विनीता श्रीवास्तव का आसनसोल डीआरएम के रूप में कार्यकाल महज 5 महीने का रहा। उन्होंने 7 अगस्त 2025 को ही इस महत्वपूर्ण मंडल की जिम्मेदारी संभाली थी। वह 1994 बैच की भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियर सेवा की अधिकारी हैं और इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर चुकी थीं।
पहले जयंत कुमार का नाम
गौर करने वाली बात यह भी है कि अगस्त 2025 में आसनसोल डीआरएम के लिए पहले जयंत कुमार के नाम का आदेश जारी हुआ था, लेकिन उन्होंने किसी कारणवश पदभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद विनीता श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि सिमुलतला दुर्घटना के बाद सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही को लेकर रेलवे बोर्ड बेहद गंभीर है। यह तबादला उसी सख्त रवैये का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में रेलवे अब हादसों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के मूड में है।
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