जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को मिली जमानत, लेकिन जेल से नहीं निकल पायेंगे बाहर, जानें पूरा मामला

न्यायिक हिरासत में अस्पताल में इलाज करा रहे पप्पू यादव को जमानत मिली है लेकिन वे फिलहाल जेल से बाहर नहीं निकल पायेंगे। पप्पू यादव को अभी न्यायिक हिरासत में ही रहना पड़ेगा। दरअसल पप्पू यादव को पटना के एक मामले में जमानत मिली है. पटना के गर्दनीबाग थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. उनके खिलाफ बिना सरकारी अनुमति के धरना प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा पहुंचाना का आरोप लगाया गया था. इस मामले में पप्पू यादव ने पटना कोर्ट से बेल देने की गुहार लगायी थी. पटना के सब जज-14 अमलेश कुमार सिंह की कोर्ट ने आज इस मामले में जाप सुप्रीमो राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जमानत दे दी.

सब जज-14 की कोर्ट ने पप्पू यादव को बेल देने के साथ साथ हिदायत भी दी है. कोर्ट ने पप्पू यादव को हिदायत दी है कि आगे से वे ऐसा काम नहीं करेंगे. सरकारी नियमों का पालन करना जरूरी है. कोर्ट में पप्पू यादव का पक्ष रखने वाले वकील पांडे संजय सहाय ने बताया कि प्रशासन ने पप्पू यादव पर गर्दनीबाग इलाके में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा डालने की प्राथमिकी दर्ज कराया था. वैसे इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव जेल से नहीं छूटेंगे. पप्पू यादव अपहरण के मामले में जेल गये हैं, जिसमें उन्हें जमानत नहीं मिली है. गौरतलब है कि पप्पू यादव को अपहरण के एक 32 साल पुराने मामले में जेल भेजा गया है. 1989 में मधेपुरा के मुरलीगंज थाने में शैलेंद्र यादव ने  पप्पू यादव पर राम कुमार यादव तथा उमाशंकर यादव के अपहरण करने का मामला दर्ज करवाया था. इसी मामले में पटना में पप्पू यादव को गिरफ्तार कर मधेपुरा भेजा गया था. उनके खिलाफ पटना में कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करने का भी मुकदमा दर्ज किया गया था.

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