Israel-Iran War : मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को झकझोर दिया है। अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी प्रतिक्रिया ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका असर यह हुआ कि वैश्विक बेंचमार्क Brent Crude करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल भी एक झटके में 8 फीसदी से ज्यादा उछलकर 72 डॉलर के पार चला गया। बाजार में अचानक आई इस तेजी ने आयातक देशों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद देश में फिलहाल पेट्रोल-डीजल महंगे होने के संकेत नहीं हैं। अप्रैल 2022 से खुदरा ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। उस समय जब कच्चा तेल महंगा हुआ था, सरकारी कंपनियों ने घाटा झेला था।
Israel-Iran War
बाद में जब कीमतें नीचे आईं, तो कंपनियों ने मार्जिन बनाकर नुकसान की भरपाई कर ली। सूत्रों का कहना है कि अभी कंपनियों के पास उतार-चढ़ाव संभालने की गुंजाइश मौजूद है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 88 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से मंगाता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का असर घरेलू अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है। सरकार फिलहाल संतुलित नीति पर चल रही है। बता दें कि जब वैश्विक कीमतें कम होती हैं तो कंपनियों को राहत दी जाती है, और जब कीमतें बढ़ती हैं तो उपभोक्ताओं को बचाने की कोशिश होती है।
कंपनियों की कमाई
तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति फिलहाल मजबूत बताई जा रही है। वित्त वर्ष 2024 में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया गया। दिसंबर तिमाही में Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने मिलकर हजारों करोड़ रुपये का लाभ कमाया। यही वजह है कि अचानक आई तेजी को फिलहाल झेलने की क्षमता मानी जा रही है। चिंता की असली वजह Strait of Hormuz है, जहां से भारत का लगभग आधा तेल आयात गुजरता है। ईरान ने हमलों के बाद जहाजों को चेतावनी दी है और बीमा कंपनियों के कदम से टैंकरों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। यदि सप्लाई चेन बाधित होती है, तो बाजार में घबराहट और बढ़ सकती है।
In view of ongoing geopolitical developments in the Middle East, the Minister of Petroleum & Natural Gas reviewed the supply situation for crude oil, LPG, and other petroleum products with senior officials from the Ministry and PSUs.
We are continuously monitoring the evolving… pic.twitter.com/N4tZHktXSM
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 2, 2026
सरकार की नजर हालात पर
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने आपूर्ति की समीक्षा की है और भरोसा दिलाया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता और वहनीयता सुनिश्चित की जाएगी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल, वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है लेकिन मिडिल ईस्ट में हालात अगर और बिगड़ते हैं, तो पेट्रोल पंप पर कीमतों का गणित बदलने में देर नहीं लगेगी।
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