Israel : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। शनिवार देर रात इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में कई अहम ऊर्जा ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह जंग अब अपने दसवें दिन में पहुंच चुकी है और हालात कम होने के बजाय और ज्यादा तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। हमलों के बाद राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में कई जगह आग की बड़ी-बड़ी लपटें उठती दिखाई दीं।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में राजधानी के कई महत्वपूर्ण तेल भंडारण केंद्रों और रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ती जंग के बीच यह घटना पर्यावरण और लोगों की सेहत दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
Israel ने किए हवाई हमले
इनमें पूर्वोत्तर तेहरान का अघदासिये तेल गोदाम, शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित शाहरान तेल डिपो, दक्षिणी तेहरान की एक रिफाइनरी और पास के कराज में मौजूद तेल भंडारण केंद्र शामिल बताए जा रहे हैं। इजरायली सेना ने भी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की इकाइयों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता था।
छाए काले बादल
हमलों के बाद कई तेल डिपो में भयंकर आग लग गई, जो घंटों तक जलती रही। आग से उठने वाला काला धुआं धीरे-धीरे आसमान में फैलता गया और घने बादलों जैसा रूप ले लिया। राजधानी के कई इलाकों में धुएं का घना गुबार छा गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। विशेषज्ञों के मुताबिक तेल से भरे टैंकों में लगी आग का धुआं काफी जहरीला होता है और यह वातावरण पर भी गंभीर असर डाल सकता है।
धुएं से बने बादल
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि धुएं से बने बादलों के कारण बारिश हुई और उस बारिश में तेल जैसी बूंदें देखने को मिलीं। राजधानी के कई हिस्सों में इमारतों, गाड़ियों और सड़कों पर तेल के अवशेष जमा हो गए। विशेषज्ञों ने इसे जहरीले हाइड्रोकार्बन और अम्लीय वर्षा का मिश्रण बताया है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इन हमलों में तेहरान और अल्बोरज प्रांत के चार तेल भंडारण केंद्रों को नुकसान पहुंचा। एक स्थान पर मौजूद चार टैंकर चालकों की मौत की खबर भी सामने आई है। हमलों के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने तथा नुकसान का आकलन करने का काम शुरू किया गया।
स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि बारिश में सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे जहरीले तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो अम्लीय वर्षा का कारण बनते हैं। इससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण तेहरान प्रशासन ने लोगों को मास्क पहनने और घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।
घर में रहने की सख्त सलाह
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने लोगों से कहा है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। घरों के खुले हिस्सों को गीले कपड़े से ढकने, बारिश के संपर्क में आए कपड़ों को तुरंत हटाने और गाड़ियों व इमारतों की बाहरी सतहों को साफ करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि जहरीले अवशेष बाद में सूखकर धूल के रूप में हवा में न फैलें। मिडिल ईस्ट में बढ़ती जंग के बीच यह घटना पर्यावरण और लोगों की सेहत दोनों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
Read More : Israel ने ईरान के तेल भंडारण की जगहों पर किया हमला




