Iran Political Crisis : ईरान की सियासत एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में है। ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। शनिवार, 14 फरवरी को म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों से बातचीत में पहलवी ने कहा कि अब इस्लामिक रिपब्लिक को समाप्त करने का समय आ चुका है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है जब ईरान के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।
रजा पहलवी 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ही देश से बाहर हैं। उस क्रांति ने ईरान में राजशाही का अंत कर दिया था और नई व्यवस्था स्थापित हुई थी। तब से पहलवी अमेरिका में रह रहे हैं और समय-समय पर मौजूदा शासन के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
Iran Political Crisis
उनका कहना है कि देश के भीतर और बाहर रहने वाले ईरानी अब बदलाव चाहते हैं। इस बार उन्होंने खुलकर विदेशी समर्थन की मांग की है। म्यूनिख में दिए बयान में पहलवी ने ईरानियों से विरोध प्रदर्शन तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने देशवासियों से शनिवार और रविवार रात आठ बजे अपने घरों और छतों से नारे लगाने को कहा, ताकि जर्मनी समेत अन्य देशों में हो रहे प्रदर्शनों के साथ तालमेल बन सके। उनका तर्क है कि संगठित आवाज ही सत्ता परिवर्तन का रास्ता खोल सकती है। उन्होंने इसे “खून-खराबे से उपजी मांग” बताया।
ट्रंप के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
एक दिन पहले डोनल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान में सरकार बदलना सबसे अच्छा कदम हो सकता है। ट्रंप प्रशासन पहले ही इस्लामिक रिपब्लिक पर दबाव बढ़ाने की नीति अपना चुका है। मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैन्य तैनाती के संकेत भी दिए गए हैं। इसी संदर्भ में पहलवी ने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि ईरानी लोग अमेरिका की संभावित मदद को उम्मीद की नजर से देख रहे हैं और उन्हें समर्थन की आवश्यकता है।
बदलाव की मांग या बढ़ता तनाव?
रजा पहलवी के ताजा बयान ने वैश्विक कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि क्या बाहरी दबाव से ईरान में सत्ता परिवर्तन संभव है या इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा। फिलहाल इतना तय है कि म्यूनिख में उठी यह आवाज आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बनी रह सकती है।




