IPO News : पिछले कुछ समय में शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर आईपीओ के जरिए रिटेल निवेशक बड़ी संख्या में पैसा लगा रहे हैं। कई कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के बाद अच्छा रिटर्न दे रहे हैं, जिसके कारण नए निवेशक भी इस विकल्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि आईपीओ में आवेदन करने के लिए अक्सर एक साथ अच्छी-खासी रकम लगानी पड़ती है, जिसके चलते हर व्यक्ति इसमें भाग नहीं ले पाता।
जब भी बड़ी राशि की जरूरत पड़ती है तो कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके आईपीओ में पैसा लगाया जा सकता है। इसकी एक वजह यह भी है कि क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर कई बैंकों की ओर से रिवॉर्ड प्वाइंट, कैशबैक या अन्य लाभ मिलते हैं।
IPO की ओर बढ़ रहा निवेशकों का रुझान
दूसरी ओर कुछ लोग इसे एक विकल्प के रूप में देखते हैं ताकि बिना तुरंत नकद भुगतान किए भी आईपीओ में आवेदन किया जा सके। इस मामले में नियम काफी स्पष्ट हैं। भारतीय रिजर्व बैंक यानी Reserve Bank of India के दिशानिर्देशों के अनुसार क्रेडिट कार्ड का उपयोग निवेश या बचत से जुड़े किसी भी वित्तीय उत्पाद के लिए नहीं किया जा सकता। इसका मतलब यह है कि न तो कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के जरिए आईपीओ में आवेदन कर सकता है और न ही किसी अन्य निवेश योजना में सीधे पैसा लगा सकता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मुख्य रूप से सामान या सेवाओं की खरीद के लिए ही किया जा सकता है।
नहीं कर सकते भुगतान
सिर्फ आईपीओ ही नहीं, बल्कि अन्य कई निवेश योजनाओं में भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने की अनुमति नहीं है। उदाहरण के तौर पर आप क्रेडिट कार्ड से न तो म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं और न ही आवर्ती जमा यानी आरडी जैसी बचत योजनाओं में पैसे जमा कर सकते हैं। इन योजनाओं के लिए आम तौर पर बैंक खाते, नेट बैंकिंग, यूपीआई या डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान किया जाता है।
क्रेडिट कार्ड के बढ़ते इस्तेमाल की वजह
पिछले कुछ वर्षों में क्रेडिट कार्ड का उपयोग काफी बढ़ गया है। लोग अब इसे केवल आपात स्थिति में ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की खरीदारी के लिए भी इस्तेमाल करने लगे हैं। कई बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग तरह के रिवॉर्ड प्वाइंट, कैशबैक और ऑफर देते हैं। यही वजह है कि कई लोग निवेश के लिए भी इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा नियम इसकी अनुमति नहीं देते। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश करते समय नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। आईपीओ में पैसा लगाने के लिए निवेशकों को अपने बैंक खाते से ही भुगतान करना होता है। आमतौर पर एएसबीए या यूपीआई जैसे विकल्पों के जरिए। इसलिए निवेश से पहले सही प्रक्रिया को समझ लेना बेहतर माना जाता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
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