Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 10 दिनों से IndiGo एयरलाइंस की लगातार हो रही फ्लाइट कैंसिल ने शहर की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। बता दें कि हर दिन हजारों यात्रियों की फ्लाइट कैंसिल होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों कारोबारियों, पर्यटन और होटल इंडस्ट्री पर भी इसका भारी असर पड़ रहा है। कारोबारी संगठनों का कहना है कि यह पूरी घटनाक्रम स्थानीय व्यापार को अब तक 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचा चुका है। इसके अलावा, दिल्ली में इस समय कई बड़े आयोजन चल रहे हैं। प्रगति मैदान और आनंद मंडपम में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, होम फर्निशिंग और ऑटो पार्ट्स से जुड़ी बड़ी प्रदर्शनियां लगी हुई हैं।
इनमें देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग आने वाले थे, लेकिन इंडिगो की उथल-पुथल के कारण बड़ी संख्या में लोगों की यात्रा कैंसिल हो गई। मामले को लेकर आयोजकों का कहना है कि जितनी भीड़ की उम्मीद थी, उसका आधा भी देखने को नहीं मिल रहा।
IndiGo फ्लाइट रद्द
फेडरेशन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की मानें तो इंडिगो की समस्या शुरू होने के बाद दिल्ली आने वाले व्यापारियों और बाहरी राज्यों से आने वाले खरीदारों की संख्या तेजी से घट गई है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट से रोज सवा लाख से ज्यादा लोग आते-जाते हैं, जिनमें करीब 50 हजार व्यापारी होते हैं, लेकिन लगातार रद्द हो रही उड़ानों के डर से बाहर से आने वालों की संख्या लगभग एक चौथाई कम हो गई है। ऐसे में इसका सीधा असर बाजारों की फुटफॉल पर पड़ा है, जो पिछले 10 दिनों में करीब 25% नीचे चली गई है।
पर्यटन क्षेत्र भी हुआ प्रभावित
वहीं, पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका बड़ा असर नजर आ रहा है। दरअसल, दिसंबर से लेकर जनवरी तक हर साल यहा पर्यटन का पीक सीजन होता है। क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों के लिए पहले से बुक होटल, गाड़ियां, टूर गाइड और रिसोर्ट्स बुक हो जाते हैं, लेकिन इस बार मंजर कुछ और ही नजर आया है। होटल के मालिकों का कहना है कि उनकी हजारों बुकिंग बिना किसी गलती के रद्द हो चुकी हैं। डेस्टिनेशन वेडिंग्स में भी भारी मार पड़ी है। कई जगह मेहमान ही नहीं, बल्कि दूल्हा-दुल्हन के कुछ परिवार वाले भी समय पर नहीं पहुंच सके। इनमें से कई किस्से तो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
अदालत ने पूछा सवाल
फ्लाइट कैंसिल होने से परेशान यात्रियों का मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। ग्राउंड सपोर्ट और रिफंड को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि इतनी बड़ी गड़बड़ी आखिर कैसे हुई और जिम्मेदार कौन है? कोर्ट ने यह भी पूछा कि यात्रियों को मुआवजा दिलाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। साथ ही किराये की बढ़ोतरी पर भी कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि जो टिकट कुछ दिन पहले 5 हजार रुपये में मिल रहा था, वह अचानक 30-35 हजार रुपये का कैसे हो गया? अगर इंडिगो संकट में थी, तो दूसरी एयरलाइंस को मनमानी करने की छूट क्यों दी गई?
एयरलाइंस को भेजा नोटिस: ASG
केंद्र की ओर से पेश एएसजी चेतन शर्मा ने बताया कि सरकार ने एयरलाइंस को कारण बताओ नोटिस भेजा था और कंपनी ने माफी भी मांगी थी। हालांकि, कोर्ट का सवाल साफ था कि अगर एयरलाइन अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही तो सरकार ने उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि लगातार हो रही अव्यवस्था के कारण देशभर में लोग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर देखने को मिल रहा है। दिन-प्रतिदिन हो रहे भारी नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
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