India : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। खासतौर पर Strait of Hormuz पर लगी पाबंदियों ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी एलपीजी को लेकर दबाव बढ़ा और कई जगह लंबी लाइनें देखने को मिलीं। इसी बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। तनावपूर्ण माहौल के बावजूद Iran ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच यह फैसला भारत के लिए अहम माना जा रहा है। एक और भारतीय जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है, जिससे सप्लाई बहाल होने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के मुताबिक, यह जहाज करीब 44,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत की ओर बढ़ रहा है। पिछले एक महीने में यह सातवां भारतीय जहाज है, जो इस रास्ते से होकर निकला है। इससे पहले छह एलपीजी जहाज भारत पहुंच चुके हैं। इस नई खेप के आने से घरेलू बाजार में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
India को होर्मुज से राहत
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार ‘ग्रीन सान्वी’ नाम का यह टैंकर फारस की खाड़ी से निकलकर ईरानी समुद्री क्षेत्र के जरिए तय कॉरिडोर से गुजरते हुए होर्मुज के पूर्वी हिस्से में पहुंच चुका है। अब यह तेजी से मुंबई बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। इसके पहुंचने के बाद गैस सप्लाई में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में अभी भी करीब 17 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जो ईरान से अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। इनमें ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे एलपीजी से लदे जहाज भी शामिल हैं।
मिल सकती है और राहत
अगर ये फंसे हुए जहाज भी जल्द भारत पहुंचते हैं, तो एलपीजी की किल्लत काफी हद तक दूर हो सकती है। फिलहाल, सरकार और संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा स्थिति में यह जहाज भारत के लिए बड़ी राहत की खबर लेकर आया है और लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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