India : भारत में चिकन का उपभोग और निर्यात दोनों बड़े पैमाने पर होता है। देसी और पॉल्ट्री फार्म से लेकर कड़कनाथ जैसी क्षेत्रीय प्रजातियां आम हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर ब्राजीलियन चिकन को गुणवत्ता और स्वाद के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। अब ब्राजील का एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल भारत में इस चिकन के अवसरों का जायजा लेने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया जा सके।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील के कृषि मंत्री कार्लोस फावारो ने कहा कि भारत से अनार और मैकाडामिया नट्स आयात करने की संभावना पर चर्चा हुई। इसके बदले ब्राजील अपने चिकन मीट और येरबा मेट के निर्यात के अवसर बढ़ाना चाहता है।
India में ब्राजीलियन चिकन का बाजार बढ़ाने की तैयारी
प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य भारत में ब्राजीलियन चिकन के लिए नए बाजार और व्यापार के रास्ते तलाशना है। हालांकि, भारत में चिकन के आयात पर भारी टैरिफ इसे मुश्किल बनाता है। एबीपीए ने बताया कि चिकन के टुकड़ों पर 100% और पूरे चिकन पर 30% शुल्क लगता है। यही वजह है कि 2025 में ब्राजील ने भारत को केवल 2.47 टन चिकन निर्यात किया, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने 479,900 टन खरीदा। एबीपीए ने भारत में ब्राजीलियन चिकन के लिए कम या शून्य टैरिफ के साथ विशिष्ट कोटा बनाने का प्रस्ताव रखा है।
ब्राजीलियन चिकन की खासियत
ब्राजीलियन चिकन अपने स्वाद, गुणवत्ता और उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के लिए प्रसिद्ध है। यह ग्लोबल मार्केट में सबसे किफायती प्रोटीन स्रोतों में गिना जाता है। कम उत्पादन लागत और बेहतर लॉजिस्टिक्स की वजह से यह पूरी दुनिया में आसानी से उपलब्ध और किफायती है। ब्राजील चिकन का उत्पादन और निर्यात में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश है। यह 150 से अधिक देशों को चिकन भेजता है और ग्लोबल मार्केट में अपनी स्थिरता के लिए जाना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के साथ व्यापारिक समझौते से दोनों देशों को फायदा होगा और ब्राजीलियन चिकन भारतीय बाजार में अपनी पैठ बना सकता है।
आगे की राह
अब भारत सरकार का रुख तय करेगा कि आयात टैरिफ में छूट या कोटा बनाने के प्रस्ताव को कैसे लागू किया जाए। अगर यह संभव हुआ, तो भारतीय बाजार में ब्राजीलियन चिकन की उपलब्धता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला चिकन कम कीमत में मिल सकेगा।
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