भारत को एक बड़ी उपलब्धि लगी हाथ, रेलवे ने किया बड़ा अविष्कार

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21वीं सदी में कुछ भी मुमकिन है। हर दिन नए अविष्कार हो रहे हैं। लोग दुनियाभर में ऐसे अविष्कार कर रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। अब क्या कोई सोच सकता है, जो ट्रेन पहले कोयले से चलती थी वो बैटरी इंजन से भी चल सकती है। दरअसल, भारतीय रेलवे ने एक ऐसा ही अविष्कार किया है,जिसे ना तो डीजल की जरुरत है और नाहि बिजली की। प्रदुषण को कम करने के लिए रेलवे ने ऐसा इंजन बनाया है। आपको बता दें, भारतीय रेलवे ने बैटरी इंजन Pasumai 2.0 पतरी पर उतार दिया है। जिसके चलते ग्रीन रेलवे के दिशा में भारतीय रेलवे ने एक बड़ी प्रसिध्दि हासिल की है।

दरअसल, इंजन में दो बैटरी और लगाई गई है, जिससे इंजन चार्ज हो सके। रेलवे द्वारा अविष्कार किया गया ये बैटरी 4 घंटे तक चल सकता है। इसी के साथ-साथ बता दें, बैटरी से चलने वाला ये इंजन 15 किलोमिटर के रफ्तार से चल सकता है। भारतीय रेलवे ने ये कहा है कि इस इंजन को बनाने में काफी कम लागत का प्रयोग किया गया है। ये बैटरी का इस्तेमाल तब करना सही होगा जब किसी कारण रेलवे की बिजली सप्लाई बंद हो जाए। बता दें, उस समय ये इंजन काफी कारगर साबित होगा।

रेल मंत्री पीयूष घोयल ने इस अविष्कार के लिए सबको बधाई दी है और कहा कि ये भारतीय रेलवे के उज्जवल भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है। दरअसल,अगर पहले की बात करें तो ग्रीन इंजन ने जबलपुर के रेलवे मंडल में चलने वाली बैटरी को बनाया है। बता दें, रेलवे कई अविष्कार कर रहा है और बिना डीजल और बिजली से चलने वाला ये ट्रेन भारत के लिए वाकई में एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है।

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