India Share Market : भारत के विदेशी व्यापार से जुड़े ताज़ा आंकड़ों ने नई चिंता खड़ी कर दी है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में अमेरिका को भारत का निर्यात घट गया है। इस अवधि में अमेरिका को भेजे जाने वाले भारतीय उत्पादों की कुल कीमत करीब 12.88 प्रतिशत कम होकर 6.88 अरब डॉलर रह गई। निर्यात में यह गिरावट ऐसे समय सामने आई है जब वैश्विक बाजार पहले से ही आर्थिक अनिश्चितताओं और व्यापारिक तनावों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में बदलती व्यापार नीतियां और वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय निर्यात पर साफ दिखाई दे रहा है।
जहां एक ओर अमेरिका को भारतीय निर्यात में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका से भारत का आयात तेज़ी से बढ़ा है। फरवरी महीने में अमेरिका से आयात लगभग 36.53 प्रतिशत बढ़कर 4.48 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
India के विदेशी व्यापार में उतार-चढ़ाव
इसका मतलब यह हुआ कि दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन में भी बदलाव देखने को मिला है। हालांकि पूरे वित्त वर्ष के आंकड़े कुछ अलग तस्वीर पेश करते हैं। अप्रैल से फरवरी के बीच अमेरिका को भारत का कुल निर्यात 3.84 प्रतिशत बढ़कर 79.29 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में अमेरिका से आयात 15.65 प्रतिशत बढ़कर 48.4 अरब डॉलर हो गया। व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की टैरिफ नीति का असर भी इन आंकड़ों पर पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लागू किए थे, जिनमें भारतीय सामान भी शामिल रहे।
अमेरिकी शुल्क नीति का दिखा असर
अगस्त के बाद कुछ भारतीय वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाया गया था, हालांकि बाद में अदालत के फैसले के बाद उसे हटाना पड़ा। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने फरवरी के अंत से सीमित अवधि के लिए नए अस्थायी शुल्क लागू किए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों का प्रभाव आने वाले महीनों के व्यापार आंकड़ों में और स्पष्ट दिखाई दे सकता है। भारत और चीन के बीच व्यापार संतुलन लगातार भारत के लिए चुनौती बना हुआ है। फरवरी में भारत ने चीन को करीब 1.67 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि चीन से आयात लगभग 11.95 अरब डॉलर रहा।
इस असमानता की वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा बढ़ता गया। अप्रैल से फरवरी की अवधि को देखें तो चीन से आयात 119.55 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि निर्यात केवल 17.54 अरब डॉलर रहा। इस तरह भारत-चीन व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो आर्थिक दृष्टि से चिंताजनक माना जा रहा है।
अलग-अलग बाजारों में मिला-जुला संकेत
फरवरी के आंकड़ों में यह भी सामने आया कि कुछ देशों के साथ भारत के निर्यात में सुधार दर्ज किया गया। जर्मनी, हांगकांग, इटली, नेपाल और फ्रांस जैसे बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी। वहीं ब्रिटेन, सऊदी अरब, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में निर्यात घट गया। इसके अलावा आयात के मोर्चे पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। खासकर स्विट्जरलैंड से सोने का आयात अचानक बढ़ गया और फरवरी में यह करीब सात गुना बढ़कर 2.71 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और व्यापार नीतियों में बदलाव आने वाले महीनों में भारत के विदेशी व्यापार की दिशा तय करेंगे।
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