India AI : आठ साल के कोडर रणवीर सचदेवा ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कीनोट स्पीकर के रूप में हिस्सा लिया। रणवीर ने ग्लोबल टेक लीडर्स और पॉलिसीमेकर्स को संबोधित करते हुए भारतीय दर्शन और आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच कनेक्शन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत का AI दृष्टिकोण अन्य देशों से किस तरह अलग है और देश किस तरह विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में AI का विकास कर रहा है।
मीडिया से बातचीत में रणवीर ने कहा कि उनका सेशन मुख्य रूप से भारत के सिविलाइजेशनल नॉलेज सिस्टम और नई AI टेक्नोलॉजी को जोड़ने पर केंद्रित था। उन्होंने यह भी बताया कि वे AI लिटरेसी बढ़ाने और भारतीय आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए एक नए इंडियन AI मॉडल पर काम कर रहे हैं।
India AI समिट
उनके विचारों ने तकनीकी और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से समिट में नई ऊर्जा भर दी। समिट के दौरान रणवीर ने सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन से मुलाकात की और बातचीत की तस्वीरें साझा कीं। इससे पहले उन्होंने मार्क बेनिओफ और ITU सेक्रेटरी-जनरल डोरेन बोगडान मार्टिन से चर्चा की थी। 2024 में वे UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस से भी मिल चुके हैं।
कौशल और उपलब्धियां
रणवीर की पहचान सिर्फ टेक समिट्स तक सीमित नहीं है। उन्हें 2022 में ग्लोबल रीडिंग चैलेंज में ‘सुपर प्रेजेंटर’ के रूप में गोल्ड मेडल मिला और छह साल की उम्र में वे दुनिया के सबसे कम उम्र के TEDx स्पीकर बने। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने मंगल ग्रह के लिए प्रोटोटाइप रॉकेट कॉन्सेप्ट बनाया, जिसे NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने मान्यता दी।
समिट का अंतिम दिन
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आज आखिरी दिन है। भारतीय दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए इवेंट को 21 फरवरी तक बढ़ाया गया। इस दौरान कई AI टेक्नोलॉजी इनोवेशन दिखाए गए और समिट में ग्लोबल टेक लीडर्स, डेलीगेट्स और स्टार्टअप्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। रणवीर की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
रणवीर सचदेवा ने साबित कर दिया कि उम्र कोई सीमा नहीं होती। भारतीय युवा प्रतिभा और तकनीकी नवाचार के प्रतीक के रूप में उनका नाम आने वाले सालों में और भी ऊंचा होगा।
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