IND-PAK : अमेरिका की राजधानी में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक के दौरान एक बार फिर Donald Trump ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम का श्रेय खुद को दिया। ट्रंप ने सार्वजनिक मंच से कहा कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव को उन्होंने अपनी पहल से थामा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत पहले ही किसी भी बाहरी मध्यस्थता से साफ इनकार कर चुका है।
बैठक में मौजूद Shehbaz Sharif को ट्रंप ने संबोधित करते हुए खड़ा होने को कहा और दोनों देशों के बीच शांति कायम होने का जिक्र किया। ट्रंप ने दावा किया कि शरीफ ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा था कि उनके प्रयासों से करोड़ों लोगों की जान बची। मंच से यह बयान कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ गया।
IND-PAK सीजफायर
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने दोनों देशों से सीधे संपर्क किया था। उनके अनुसार, यदि तनाव कम नहीं होता तो अमेरिका व्यापार समझौतों और टैरिफ के जरिए दबाव बनाता। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री को फोन कर साफ संदेश दिया गया था कि हालात नहीं सुधरे तो आर्थिक रिश्तों पर असर पड़ेगा। ट्रंप का कहना था कि इसके बाद ही समाधान की दिशा बनी।
शहबाज शरीफ का आभार
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि उस वक्त हालात बेहद संवेदनशील थे और सीमाओं पर तनाव तेजी से बढ़ रहा था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्तक्षेप को शांति बहाली में अहम बताया। शरीफ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हालात को गंभीर बताते हुए अमेरिका की भूमिका की सराहना की।
भारत का दो टूक रुख
हालांकि, India ने पहले भी और अब भी स्पष्ट किया है कि युद्धविराम किसी तीसरे पक्ष की पहल का नतीजा नहीं था। भारत का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों, विशेषकर डीजीएमओ स्तर की सीधी बातचीत से हुआ था। नई दिल्ली लगातार दोहराती रही है कि द्विपक्षीय मुद्दे द्विपक्षीय तरीके से ही सुलझाए जाते हैं। ऐसे में ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर कूटनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
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