अंतत: उड़ चला बक्सर के खेत में इमरजेंसी लैंड हुआ वायुसेना का हेलीकॉप्टर, गूंजे भारत माता के जयकारे

बक्‍सर में तीन दिनों पूर्व इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से खड़ा भारतीय वायुसेना का बाहुबली चिनूक ठीक हो गया है। जिसे तीन-तीन ट्रैक्‍टर टस से मस नहीं कर सके, वह अपने दम पर कीचड़ से निकला। इंजीनियरों की टीम ने दुरुस्‍त किया तब पायलट ने इसे स्‍टार्ट किया। इसे कीचड़ से निकालकर सूखे स्‍थान पर रखा गया है। यह देख हजारों की भीड़ रोमांचित हो उठी। तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता के जयकारे से स्‍कूल परिसर गूंज उठा।

बक्सर के मानिकपुर हाईस्कूल के मैदान में बुधवार की शाम आपात स्थिति में चिनूक उतरा था। वायु सेना के इस भारी-भरकम मालवाहक हेलीकाप्टर में आई तकनीकी खामी को दूर करने के लिए शुक्रवार देर शाम तक विशेषज्ञ जुटे रहे। इससे पूर्व वायुसेना का दूसरा हेलीकॉप्टर दोपहर में बंगलुरु से जरूरी उपकरण और विशेषज्ञों की टीम को लेकर पहुंचा। मौके पर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हेलीपैड का निर्माण भी कराया गया। तब से उम्‍मीद की जा रही थी कि यह शनिवार को ठीक हो जाएगा। लगभग 14 टन के इस मालवाहक हेलीकाप्‍टर का चक्का गीली मिट्टी में धंस गया था। उसे निकालने के लिए तीन ट्रैक्टरों की मदद ली गई लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। चिनूक टस से मस नहीं हुआ। वायु सैनिकों को मानिकपुर उच्च विद्यालय में ही ठहराया गया हालांकि, भोजन आदि की व्यवस्था ग्रामीण स्तर पर की जा रही है। वायु सैनिकों के लिए तरह-तरह के भोजन बनाए जा रहे हैं लेकिन, सैनिकों को चने की दाल का तड़का और रोटी खूब भा रही है।

हेलीकाप्‍टर को देखने के लिए न सिर्फ जिले बल्कि उत्तर प्रदेश से भी लोग शुक्रवार को मानिकपुर गांव पहुंचे। जिससे गांव में मेले जैसा नजारा देखने को मिल रहा था। छोला, चाट, पकौड़ी तथा जलेबी की दुकानें सजी हुई थी। लग्जरी कारों के साथ-साथ बाइक से भी दूर दराज से लोग पहुंचे थे। पीपी रोड के निवासी सुनील कुमार चौरसिया ने बताया कि उनके घर के बच्चे यह जिद कर रहे थे तो उन्‍हें लेकर आए हैं। जब ट्रैक्टर में बांधकर हेलीकॉप्टर को खींचने की कोशिश हो रही थी उस वक्त कुछ ग्रामीण अपने हाथ से रस्सी पकड़ उसे कीचड़ से निकालने की कोशिश करते नजर आए। भारत माता की जयकारे के बीच ग्रामीणों के देश प्रेम का जज्बा देख वायु सैनिक भी अभिभूत हो गए। हालांकि, चिनूक टस से मस नहीं हुआ। हेलीपैड बनाने में ग्रामीण युवकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। देश के वीर सैनिकों के साथ तस्वीर खिंचाने के लिए स्थानीय स्थानीय ग्रामीणों में होड़ मची रही खासकर युवा वर्ग अपने देश के जवानों के साथ बिताए पलों की यादें संजो कर रखना चाहता था। 

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