मुजफ्फरपुर में बरामद 67 लाख कैश मामले में पुलिस से बोला भ्रष्टाचारी इंजीनियर-मुंह खोलूंगा तो विस्फोट हो जाएगा

67 लाख रुपए कैश के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस के हत्थे चढ़े ग्रामीण कार्य विभाग, दरभंगा में कार्यरत अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार से 48 घंटे से मैराथन पूछताछ जारी है। जब उससे पूछा गया कि इतने रुपए उसके पास कहां से आए और वह किसे देने जा रहा था? तो उसने सिर्फ इतना कहा- “अगर मुंह खोलूंगा तो विस्फोट हो जाएगा।’ पुलिस उसका यह बयान सुनकर चौंक गई, लेकिन जब उसे कहा गया- “ठीक है विस्फोट होता है तो होने दो। नाम बताओ।’ तब उसने कहा- “वह इस मानसिक स्थिति में नहीं है कि बयान दे सके।’ इनकम टैक्स और आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारी लगातार उससे पूछते रह गए, लेकिन उसने मुंह नहीं खोला।

बता दें कि अधीक्षण अभियंता की स्कार्पियो गाड़ी से शनिवार को 18 लाख कैश मिले थे। इसके बाद रविवार को पुलिस ने उसके घर पर रेड मारकर 49 लाख रुपए कैश बरामद किए थे। ASP वेस्ट सैयद इमरान मसूद ने बताया- “पूछताछ अभी चल रही है। वह रुपये के सम्बंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दे रहा है। उसके दरभंगा स्थित निजी क्वार्टर से जो प्रॉपर्टी के पेपर मिले थे, उससे पता लगा है कि पटना में दो जगहों पर फ्लैट के अलावा उसके नाम से एक जमीन का टुकड़ा भी है। कुछ कागज़ात काफी पुराने मिले हैं। इसका केस से कोई जुड़ाव नहीं दिख रहा है। जब्त कागजातों की आगे की जांच के लिए रजिस्ट्री ऑफिस से सम्पर्क किया जा रहा है।’ शनिवार को जब फकुली चेक पोस्ट के पास से स्कार्पियो से 18 लाख रुपए बरामद हुए थे। पुलिस ने इंजीनियर का मोबाइल जब्त कर लिया था, लेकिन ड्राइवर सरोज का फोन जब्त करने में चूक हो गई। इसका फायदा उठाते हुए इंजीनियर ने ड्राइवर से कहा कि तुम घर पर फोन कर बोल दो कि सामान हटा दे। जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो खाली हाथ लौटी थी। ड्राइवर ने इस बात की जानकारी रविवार देर रात पुलिस को दी। ASP ने कहा- “इस बिंदु पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पत्नी से भी इस सम्बंध में शीघ्र पूछताछ होगी।’

इंजीनियर की विस्फोट वाली बात यह इशारा कर रही है कि इस खेल में बड़े-बड़े महारथी शामिल हैं। पटना में कोई न कोई तो उसका आका है, जिसे वह रुपए पहुंचाने जा रहा था। आखिर वह कौन है? पुलिस ने जब उसके दरभंगा स्थित क्वार्टर पर छापेमारी की तो देखा कि वहां पर भी एक छोटा कमरा है, जो क्वार्टर के ठीक बाहर है। इसमें अभियंता ने ऑफिस बना रखा है। ड्राइवर ने बताया- “यहां पर भी उनसे मिलने प्रतिदिन काफी लोग आते थे, जो घंटों अंदर बैठकर बातचीत करते थे।’ इससे स्पष्ट होता है कि रुपए का खेल इसी ऑफिस से होता था। सूत्रों की मानें तो करोड़ों का टेंडर पास कराने के लिए उसने कॉट्रेक्टरों से रुपए की वसूली की थी। इसी में से कुछ राशि लेकर वह पटना जा रहा था।

ASP ने बताया- “FIR में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, आय से अधिक सम्पत्ति की धारा के साथ भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग करने की भी धारा जोड़ी गई है।’ फकुली ओपी प्रभारी उदय कुमार सिंह के बयान पर केस दर्ज है। फिलहाल यह केस पुलिस के पास ही है। जब्त रुपए को ट्रेजरी में जमा करने की कवायद की जा रही है। भविष्य में सम्भावना है कि ये केस आर्थिक अपराध इकाई के हवाले कर दिया जाएगा। ASP ने बताया- “इंजीनियर को नोटिस देकर छोड़ दिया जाएगा। जांच जारी रहेगी। इस दौरान उसे राज्य से बाहर जाने से पहले पुलिस को जानकारी देनी होगी। जब भी ज़रूरत पड़ेगी उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इससे पुलिस मुख्यालय पटना को भी अवगत करा दिया गया है।’

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