MP News : मध्य प्रदेश के इंदौर को अगले कुछ सालों में किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा, इसका नमुना आज तय हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को शहर के विकास से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी, जहां प्रशासन, जनप्रतिनिधि और अलग-अलग विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक का फोकस मेट्रो, ट्रैफिक, सड़कें, आईटी हब, नाइट लाइफ और इंदौर-उज्जैन के विकास जैसे मुद्दों पर रहेगा। लंबे समय से जिन योजनाओं पर फैसला अटका हुआ है, जिसे आज हरी झंडी दिखाई जा सकती है।
शहर में नाइट लाइफ और नाइट मार्केट को लेकर श्रम कानूनों के दायरे में क्या बदलाव हो सकते हैं, इस पर भी बातचीत होगी। महिला सुरक्षा, सीसीटीवी नेटवर्क और कानून व्यवस्था को लेकर भी फैसले लिए जा सकते हैं।
MP News: मेट्रो पर चर्चा
इंदौर मेट्रो का दूसरा चरण काफी समय से असमंजस में है। खासतौर पर यह सवाल बना हुआ है कि मेट्रो को कहां से अंडरग्राउंड ले जाया जाए। आज की बैठक में इस पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। खजराना से मेट्रो को अंडरग्राउंड करने के प्रस्ताव पर सहमति बनने के संकेत पहले ही मिल चुके हैं। अब मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस पर मुहर लग सकती है। अगर ऐसा होता है, तो मेट्रो का रुका हुआ काम फिर रफ्तार पकड़ सकता है।
मेट्रोपालिटन रीजन पर नजर
बैठक का सबसे अहम एजेंडा इंदौर-उज्जैन मेट्रोपालिटन रीजन का प्रस्तुतीकरण है। यह प्रस्ताव इंदौर, उज्जैन के साथ देवास, धार और शाजापुर के हिस्सों को मिलाकर तैयार किया गया है। करीब 10 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रशासन पहले ही इसका ड्राफ्ट शासन को भेज चुका है। अब इस पर आगे की रणनीति तय हो सकती है।
विकास और सेवा के 2 वर्ष
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समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर मध्यप्रदेशआत्मनिर्भर और आधुनिक शहरों के निर्माण से विकास को नई गति@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh#अभ्युदय_मध्यप्रदेश #प्रगति_के_दो_वर्ष#डॉ_मोहन_यादव_का_विकसित_MP
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ट्रैफिक बनेगा मुद्दा
एबी रोड पर जाम इंदौर की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। बीआरटीएस हटने के बाद अब सवाल है कि आगे क्या किया जाए। एलआईजी से नौलखा तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाए या बड़े चौराहों पर फ्लाईओवर? दोनों विकल्पों का सर्वे हो चुका है। बैठक में किसी एक विकल्प पर फैसला लिया जा सकता है, ताकि काम जल्द शुरू हो सके। सुबह-शाम शहर की सड़कों पर हालात बिगड़े रहते हैं। कई इलाकों में वाहन रेंगते नजर आते हैं। हाई कोर्ट भी ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में मुख्यमंत्री की बैठक से ट्रैफिक सुधार को लेकर ठोस प्लान निकलने की उम्मीद की जा रही है।
रोजगार पर फोकस
इंदौर को आईटी हब के तौर पर आगे बढ़ाने की योजना भी बैठक में रखी जाएगी। स्टार्टअप पार्क, कन्वेंशन सेंटर और आईएसबीटी जैसे प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर चर्चा होगी। साथ ही निवेश बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। इसके अलावा, इंदौर-उज्जैन के बीच नई नागरिक बस सेवा शुरू करने और उसे दूसरे शहरों तक बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। वहीं, आम जनता की नजरें अब बैठक पर टिकी हुई है कि आखिर प्रदेश के मुखिया द्वारा इन विषयों पर क्या फैसला लिया जाएगा और इसका लाभ उन्हें कब तक जमीन पर नजर आएगा।




