Holika Vastu Tips : Holika Dahan केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस अग्नि में बुराई और नकारात्मकता जलकर राख हो जाती है। यही राख आगे चलकर ‘भस्म’ के रूप में शुभ मानी जाती है। कई लोग इसे घर लाकर विशेष उपाय करते हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि इससे जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं।
अगर घर में बिना वजह तनाव, कलह या भारीपन का माहौल बना रहता है तो इसे कई लोग वास्तु दोष से जोड़ते हैं। परंपरा के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन सुबह ठंडी राख घर लाकर चारों कोनों में हल्का-सा छिड़क दी जाती है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा का असर कम होता है।
Holika की राख में छिपे हैं खास उपाय
कुछ लोग इस राख में राई और नमक मिलाकर छोटी पोटली बनाते हैं और उसे मुख्य द्वार पर टांग देते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता का प्रवाह बना रहता है। धन आता तो है, लेकिन टिकता नहीं ऐसी शिकायत कई घरों में सुनने को मिलती है। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, होलिका की राख को लाल कपड़े में बांधकर उसमें चांदी का सिक्का रख दें और इसे तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें। कहा जाता है कि इससे फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रहता है और आर्थिक स्थिरता आती है। लोग इसे मां लक्ष्मी की कृपा से भी जोड़ते हैं और मानते हैं कि इससे घर में समृद्धि बनी रहती है।
नजर दोष और ग्रह बाधा के लिए
बच्चों को बार-बार नजर लगना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होना, इसे कई लोग नजर दोष मानते हैं। ऐसी स्थिति में होलिका की राख का हल्का तिलक माथे पर लगाने की परंपरा है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इसे ‘विभूति’ की तरह शरीर पर लगाने से मानसिक शांति मिलती है। कुछ लोग इसे राहु-केतु जैसे ग्रहों की अशुभ दशा से राहत का उपाय भी मानते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह आस्था पर आधारित है।
सावधानी और संतुलन जरूरी
धार्मिक उपायों को अपनाते समय स्वच्छता और संयम बनाए रखना जरूरी है। राख पूरी तरह ठंडी हो, तभी घर लाएं। साथ ही इन उपायों को अंधविश्वास के बजाय श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ अपनाएं। होलिका दहन की राख केवल परंपरा नहीं, बल्कि विश्वास और उम्मीद का प्रतीक है जो लोगों को नई शुरुआत का साहस देती है।
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