Holi 2026 : रंगों का त्योहार होली खुशियों और उमंग का प्रतीक है, लेकिन जरा सी लापरवाही चेहरे की चमक छीन सकती है। हर साल केमिकल रंगों की वजह से बड़ी संख्या में लोग त्वचा और आंखों की समस्याओं का शिकार होते हैं। स्किन इन्फेक्शन, जलन, रैशेज और एलर्जी जैसी शिकायतें त्योहार के बाद आम हो जाती हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक दूबे ने विस्तार से सावधानियां बताईं।
डॉ. दूबे के अनुसार, मौसम बदलने के साथ धूप का असर भी तेज हो जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा को ‘फोटोएजिंग’ की समस्या हो सकती है। सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन और सनबर्न बढ़ा देती हैं।
Holi 2026
गंभीर मामलों में स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और मेलेनोमा इसके आम प्रकार हैं। बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना और तेज धूप से बचना जरूरी है। होली के दिन इस्तेमाल होने वाले पक्के और केमिकल रंग त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनसे लाल चकत्ते, खुजली, छोटे दाने और एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। कई मामलों में त्वचा की ऊपरी परत खुरदरी हो जाती है और रंगत भी फीकी पड़ जाती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि जहां तक संभव हो, प्राकृतिक या हल्के रंगों का ही प्रयोग करें।
बालों में ग्रीस लगाने से बढ़ेगा जोखिम
कुछ लोग रंग से बचाव के लिए बालों में ग्रीस या वार्निश जैसी चीजें लगा लेते हैं, लेकिन यह तरीका भी नुकसानदेह हो सकता है। इससे बालों के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। बालों की जड़ें कमजोर पड़ सकती हैं और टूटने की समस्या बढ़ सकती है। बेहतर है कि बालों में नारियल तेल लगाकर उन्हें टोपी या कपड़े से ढक लिया जाए।
आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी
रंग सीधे आंखों में चला जाए तो जलन, लाली और दर्द की शिकायत हो सकती है। ऐसे में तुरंत साफ पानी से आंख धोनी चाहिए। आई लुब्रिकेंट या टियर ड्रॉप दिन में तीन-चार बार डाली जा सकती है, लेकिन समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। होली खेलते समय चश्मा लगाना अतिरिक्त सुरक्षा देता है।
ओपीडी में बढ़ते मरीज
डॉक्टर बताते हैं कि होली के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में एलर्जी और त्वचा संक्रमण के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए त्योहार से पहले सनस्क्रीन और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें। दिन में दो-तीन बार मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा सुरक्षित रहती है। थोड़ी सी सावधानी से होली का रंग चेहरे पर नहीं, बल्कि जिंदगी में खुशियां घोलेगा।
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