स्वास्थ्य मंत्री और यूनिसेफ़ बिहार राज्य प्रमुख की मुलाक़ात में कोरोना रोकथाम एवं बच्चों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा

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पटना, 13 जून: स्वास्थ्य मंत्री, मंगल पांडे ने कोरोना महामारी की रोकथाम को लेकर यूनिसेफ़ द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दिए गए नियमित तकनीकी सहयोग और विभिन्न प्रकार की आवश्यक मेडिकल सामग्रियाँ उपलब्ध कराने के लिए सराहना की. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में कोरोना महामारी को जड़ से ख़त्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ़ और अधिक तालमेल के साथ काम करेंगे.


कोरोना एवं एक्यूट इंसेफलाइिटस सिंड्रोम (एईएस)/जापानी इंसेफलाइिटस की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में यूनिसेफ़ की तरफ़ से लगातार सहयोग किया जा रहा है. विभिन्न स्तर पर तकनीकी सहयोग के साथ-साथ यूनिसेफ़ द्वारा सरकार को आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराया जा रहा है. इसी सिलसिले में यूनिसेफ़ की बिहार राज्य प्रमुख, नफ़ीसा बिन्ते शफ़ीक़ ने स्वास्थ्य मंत्री, मंगल पांडे से मुलाक़ात की.


उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा पूरे राज्य में चलाए जा रहे वृहद कोरोना टीकाकरण अभियान समेत एईएस/जापानी इंसेफलाइिटस को रोकने हेतु उठाए जा रहे कारगर उपायों के लिए उनका धन्यवाद किया. इस संदर्भ में ग्रामीण व शहरी इलाकों में तैनात किए गए 835 टीका एक्सप्रेस का उन्होंने विशेष रूप से ज़िक्र किया. को-वैक्स एग्रीमेंट के मुताबिक़, कोविड टीकाकरण अभियान के दौरान सप्लाई चेन सुनिश्चित करने में एक प्रमुख वैश्विक सहयोगी होने के कारण यूनिसेफ़ द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकारों को कोरोना टीकाकरण के योजना निर्माण से लेकर क्रियान्वयन एवं निगरानी के स्तर पर तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है.

उन्होंने यूनिसेफ़ द्वारा बिहार सरकार को वैक्सीन लॉजिस्टिक्स योजना निर्माण, निगरानी और मूल्यांकन के अलावा नियमित एडवोकेसी और संचार, क्षमता निर्माण, वैक्सीन आपूर्ति श्रृंखला, आदि से जुड़े कार्यों में दिए जा रहे सहयोग से भी मंत्री महोदय को अवगत कराया. उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में स्वास्थ्य विभाग को 2 वॉक इन फ्रीज़र, 25 आरटी-पीसीआर सिस्टम, 300 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर, 290 बड़े और 81 आइस लाइन रेफ्रीजिरेटर, 62 बड़े और 2 छोटे डीप फ्रीज़र, 2041 कोल्ड बॉक्स, 4000 फ्रीज़ फ्री वैक्सीन कैरियर, 5076 वैक्सीन कैरियर, 5,50,000 ट्रिपल लेयर मास्क, 26478 हैण्ड टॉवल, 2655 वाटर बोतल, 90 मग आदि उपलब्ध कराए गए. साथ ही, गया इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर 1 मास थर्मल स्कैनर स्थापित किया गया. आने वाले दिनों में यूनिसेफ़ द्वारा स्वास्थ्य विभाग को 100 ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर, 6 आरटी-पीसीआर सिस्टम और 5 ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट मुहैया कराए जाएंगे.


संदिग्ध कोरोना मरीज़ों की पहचान के लिए SMNET के माध्यम से सभी 38 जिलों और 291 SMNET ब्लॉकों में कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई. सभी 38 जिलों में 28770 स्थानीय प्रभावी व्यक्तियों और धर्म गुरुओं के माध्यम से कोविड टीकाकरण के लिए लाभार्थियों को जुटाकर कोविड टीकाकरण रोलआउट में भी व्यापक समर्थन दिया गया.


इसके अलावा बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण संबंधी कार्यक्रमों में भी यूनिसेफ़ द्वारा निरंतर सहयोग दिया गया है. कोल्ड चेन की दक्षता में सुधार के लिए कोल्ड चेन पॉइंट्स के सुदृढ़ीकरण और विस्तार में भी निरंतर सहयोग दिया गया है.


यूनिसेफ़ राज्य प्रमुख ने स्वास्थ्य मंत्री को कुछ अहम चुनौतियों से भी अवगत कराया और उनसे सहयोग की अपील की. आंगनबाडी केन्द्रों के बंद होने के कारण बच्चों का समुचित पोषण सुनिश्चित करना एक बड़ी चिंता है. इसके अलावा, ग्रामीण समुदाय तक समय पर सभी ज़रूरी सूचनाएं पहुंचाने हेतु संचार तंत्र को और मजबूत करना एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा है. मंत्री महोदय द्वारा सभी मुद्दों के समुचित समाधान का आश्वासन दिया गया.


बातचीत के दौरान, यूनिसेफ़ बिहार के कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र नाथ पांड्या एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर सिद्धार्थ रेड्डी भी उपस्थित रहे.

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