क्या कोरोना से बच्चों को बचाने का तरीका बिहार ने खोज लिया है.?

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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के बचाव का फार्मूला पटना AIIMS के ट्रॉमा इमरजेंसी व टेली मेडिसिन के हेड डॉ. अनिल ने तैयार किया है। वैक्सीन हिट कॉन्सेप्ट (VHIT) और MAAP के फॉर्मूले पर वह बच्चों को सुरक्षित करने के उपाय बता रहे हैं।वहीं, डॉ. अनिल का कहना है कि बच्चों को MMR मेजल्स ऑफ रुबेला देने के साथ उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आंवला, हल्दी वाला दूध और शहद को डाइट में शामिल करें।

डॉक्टर ने दिए 4 मूल मंत्र

डॉ. अनिल ने अपने फार्मूला का नाम VHIT रखा है। इसमें ट्रिपल कॉन्सेप्ट ऑफ वैक्सीनेशन, हॉस्पिटल सेटअप, इम्यूनिटी और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल शामिल है। ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में MAAP को रखा गया है। MAAP का फुल फॉर्म 4 भागों में बांटा है। M से मल्टी विटामिन, A से एंटी एलर्जिक, A से एंटी बायोटिक और P से पैरासिटामाल। डॉ अनिल का कहना है कि बच्चों को बचने के लिए हमें वैक्सीन हिट कॉन्सेप्ट पर तैयारी करनी होगी। वैक्सीन की ट्रिपल कांसेप्ट में पैरेंट्स को बढ़ चढ़कर टीकाकरण में हिस्सा लेना चाहिए। बच्चों को MMR मेजल्स ऑफ रुबेला की वैक्सीन दी जाए। डॉ. अनिल का कहना है कि बच्चों के डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों को अगर 15 से 18 माह के दौरान MMR की वैक्सीन दी जाए तो बच्चे कोरोना से प्रोटेक्टिव हो जाएंगे। हालांकि MMR वैक्सीन से प्रोटेक्टिविटी का कोई प्रमाण अभी नहीं देखा गया है।

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