सरकार हमें मारना चाहती है ताकि ‘पेंशन’ न देना पड़े- बिहार के ग्रामीण

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कोरोना से उपजे हालात को लेकर लोगों में अलग तरह की नाराजगी है। गांवों में जाएं तो कुछ लोग तर्क के साथ पाबंदियों का विरोध करते हैं तो कुछ अजीब तर्क देते हुए सरकार को कोसते हैं। सूत्रों की माने तो पिछले दिनों एक अख़बार का समूह जब बिहार के शेखपुरा के गांवों में पहुंचा तो लोगों ने कई तरह से उनके सामने अपनी बात रखी।

दरअसल शेखपुरा जिले के अंतिम छोर पर स्थित पानापुर गांव में पहली डोज लेने के बाद दूसरी डोज लेने में ग्रामीण कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टीके की पहली डोज लेने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। इसलिए अब वे दोबारा टीका नहीं लगवाएंगे।पानापुर गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बैठी हेल्थ वर्कर क्रांति कुमारी कहती हैं कि पिछले महीने ग्रामीणों को वैक्सीन दी गई। इसके बाद कुछ लोगों को बुखार की शिकायत हो गई। लोग बता रहे हैं कि सरकार साजिश रचकर हम लोगों को मारना चाहती है ताकि वृद्धा अवस्था पेंशन नहीं देनी पड़े। इसलिए अब हम लोग टीका नहीं लगवाएंगे।वहीं, गांव की आंगनबाड़ी वर्कर रेखा देवी ने बताया कि ग्रामीण धमकी दे रहे हैं।अगर वे उन्हें फिर से टीका लगाने के लिए कहेंगी तो वे लोग पिटाई कर देंगे और सिर फोड़ देंगे।

कोरोना से किसी की मौत नहीं-

2400 की आबादी वाले पानापुर गांव के ग्रामीणों का दावा है कि अब तक यहां कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला और न ही किसी की जान गई है, तो वे लोग टीका क्यों लगवाएं? टीका लगवाने के बाद ही बुखार और सर्दी-खांसी हो गई। यह बीमारी से बचाने के लिए नहीं, बल्कि मार देने के लिए लगाया जा रहा है।

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