Gorakhpur News : न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल, जद्दूपट्टी, सिकरीगंज में एक फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले मरीजों के बीच अब तक आठ लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। कई अन्य रोगी गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं और उनका इलाज चल रहा है। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। गुरुवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तीन दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया। जांच समिति में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अध्यक्षता में एसीएमओ डॉ. एनएल कुशवाहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज सोनी और जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. अंजनी कुमार गुप्ता शामिल हैं।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग पहले से जांच में जुटा हुआ है। सर्जरी के बाद संक्रमण इतना गंभीर हुआ कि अब तक सात मरीजों ने अपनी आंख की रोशनी खो दी है।
Gorakhpur अस्पताल में मोतियाबिंद
1 फरवरी को 30 मरीजों ने मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया था। इनमें से 20 मरीजों की आंख में गंभीर संक्रमण पाया गया। रोगियों में तेज दर्द, आंखों में सूजन, मवाद निकलना और दृष्टि धुंधली होना जैसे लक्षण सामने आए। जागरण में चार फरवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन थिएटर सील कर नमूने लिए। उसरी गांव के 53 वर्षीय जयराम भी प्रभावित मरीजों में शामिल हैं। उनके पुत्र प्रवीण ने बताया कि पिता की दाहिनी आंख से मवाद निकलने लगा और लगातार उल्टी होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर उन्हें गुरुवार को एम्स में लाया गया। परिवार का आरोप है कि समय रहते उचित उपचार और निगरानी नहीं हुई, जिससे संक्रमण बढ़ गया और आंख की रोशनी नहीं बचाई जा सकी।
अब तक प्रभावित मरीज
अब तक जिनकी आंखें प्रभावित हुई हैं उनमें शंकरावती देवी, देवराजी देवी, मीरा देवी, अर्जुन सिंह, रामदरश, रामसरन, रंजीत और जयराम शामिल हैं। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी मामलों में तुरंत प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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