छोटे कर्मचारियों पर नीतीश गिराने लगे गाज – तेजस्वी यादव

Spread the love

बिहार में कोरोना के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई। जिसको लेकर के तमाम विपश्र के नेता सत्ता पक्ष को घेरते नजर आए। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा बिहार में कोरोना के आकड़ों में घोटले किए गए हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाक के नीचे ये सब होता रहा लेकिन नीतीश कुमार सुदबुद रहे। आपको बता दें, बीते दिन तेजस्वी यादव ने ट्वीटर पर अपना पुराना वीडियो भी शेयर किया, जब कोरोना काल था और उस समय विधानसभा सत्र चल रहा था, तब उन्होंने सरकार को अवगत कराने की कोशिश की थी कि कोरोना के आकड़ों में उलटफेर किया गया है।

दरअसल, कोरोना के आकड़ो में घोटला का मामला सामने आने से जमुई के सिविल सर्जन समेत चार कर्मियों को सस्पेंड किया गया। बता दें, बीते दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना पहुँचे उस दौरान उन्होंने कहा कि जो भी लोग कोरोना के घोटले में दोषी होगें, उन पर र्कारवायी की जाएगी। वहीं, तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया और कहा कि नीतीश जी दिखावट करते हैं। उन्होंने बस दिखावट के लिए 6 कर्मियों को बर्खास्त किया है। आगे तेजस्वी ने पूर्व घोटलों के तुलना करते हुए कहा कि जैसे नीतीश जी ने 61 घोटलों में छोटे स्तर के कर्मचारियों को बर्खास्त करने का नाटक रचा था। यही नीतीश कुमार की स्थापित नीति, नीयत और नियम है।

तेजस्वी में ट्वीट में लिखा है “बिहार में टेस्टिंग की संख्या 4 महीनों तक देश में सबसे कम रही। विपक्ष और जनदबाव में नीतीश जी ने विपदा के बीच ही आँकड़ों की बाज़ीगरी नहीं करने वाले 3 स्वास्थ्य सचिवों को हटा दिया। फिर उन्होंने अपने जाँचे-परखे आँकड़ों की बाज़ीगिरी करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को नियुक्त किया।” इसके बाद तेजस्वी ने आगे में ट्वीट में लिखा “उसके बाद अगले 3 दिनों में ही टेस्टिंग की संख्या दुगनी हो गई और लगभग 15 दिनों में यह संख्या एक लाख और 25 दिनों में दो लाख तक पहुँच गई। उसी स्वास्थ्य संरचना से मात्र एक महीने से भी कम समय में यह प्रतिदिन जाँच का आँकड़ा इतना गुणा कैसे बढ़ गया? सारा माजरा आँकड़ों के अमृत मंथन का है”

आपको बताते चलें, बिहार में कोरोनाकाल के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बिहार में हडकंप मच गया है। विपक्षीदल इसे मुद्दा बना रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए जहां जमुई में सिविल सर्जन समेत 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, छह कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बिहार में कोरोना जांच फर्जीवाड़े को लेकर कहा कि प्रधान सचिव ने उन्हें बताया है कि 22 जिलों की जांच पूरी कर ली गई है। एक जगह पर इस तरह का मामला प्रकाश में आया है, जिस पर तत्काल र्कारवायी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों पर र्कारवायी होगी। अब हम पटना आ गए हैं इस पर और विस्तृत जानकारी लेंगे। यह भी कहा कि शुरू से ही कोरोना संक्रमण की प्रतिदिन रिपोर्ट उनके पास आती है। कितनी जांच हुई, कहां क्या स्थिति है, सब मेरे पास आता है। केंद्र सरकार को भी जांच रिपोर्ट भेजी गई है।

बता दें, 19 फरवरी से बिहार में बजट सत्र शरु होने वाला है, तो विधानसभा में विपक्ष कोरोना के घोटले को लेकर किस तरह से सरकार को घेरेगी और सवालों पर सरकार की ओर से क्या कुछ जबाव आएगा ये देखना खास़ होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.