Chhattisgarh News:- मामला किशनपुर थाना क्षेत्र के संगोलीपुर गढ़ा मौरंग खदान का है। इस मामले में अवैध खनन के कई वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं और शिकायत मिलने पर भूतत्व एवं खनिज निदेशालय से संज्ञान लिया गया है। निदेशालय के आदेश के चलते शुक्रवार को रात खनन निरीक्षक दीपेंद्र राजभर ने फार्म के दो संचालक को समेत अन्य के खिलाफ अवैध खनन को लेकर कई धाराओं में प्राथमिक की दर्ज करा दी है।
शिकायत के मुताबिक संगोलीपूर गढ़ा मौरंग खदान का पट्टा मेसर्स अमरकंट डेवलपर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम 5 वर्ष के लिए स्वीकृत किया गया है। फर्म के संचालक और डायरेक्टर मनुष्य निवासी मारवाड़ी लाइन बिलासपुर तथा मनजीत सिंह घूमर निवासी दयालबंद बिलासपुर बताए गए है।
लखनऊ की टीम अवैध खनन की शिकायत को लेकर जांच को पहुंची
भूतत्व एवं खनिज निदेशालय लखनऊ की टीम द्वारा 9 मार्च को अवैध खनन की शिकायत को लेकर जांच करने पहुंची थी। जिसके बाद जांच में खदान की सीमा क्षेत्र के बाहर जलधारा में अवैध खान देखने को मिला। इससे पहले भी दो बार खनन निरीक्षक की जांच में अवैध खनन मिलने पर नोटिस जारी कर दिया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।
आरोग्य की कंपनी की तरफ से मैनेजर इंचार्ज अंकित पांडे को कई बार सीमा क्षेत्र से बाहर खनन रोकने की चेतावनी की दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद भी अवैध खनन जारी रहा। थानाध्यक्ष सत्यदेव गौतम का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन के मामले में प्राथमिक की दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल जांच चल रही है।
कई ट्रक किए सीज
संयुक्त टीमों द्वारा बृहस्पतिवार रात को चेकिंग की गई इस चेकिंग के दौरान राधा नगर और थरियांव गांव के साथ असोथर्व कल्याणपुर में लगभग 7 ओवरलोड ट्रक को पकड़ा गया है। पकड़े जाने पर वाहनों पर 3 लाख का जुर्माना लगाया गया ओवरलोड वाहनों को थाना पुलिस को सुपुर्द कर सीज किया गया है। एआरटीओ प्रतीक मिश्रा का कहना है कि अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्यवाही भी की गई है।
Read More:- उत्तराखंड में हुआ पांचवें दिन ध्वनिमत से 1.11 लाख करोड़ का बजट पारित, सदन में बजट को लेकर भी हुई चर्चा



