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Faridabad के सूरजकुंड मेले में हादसा, झूले से लोगों को बचाते हुए शहीद हुआ पुलिस इंस्पेक्टर; DGP का एलान

Faridabad
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Faridabad Surajkund Mela : फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक झूला तकनीकी खराबी के चलते अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। शाम करीब छह बजे हुए इस हादसे ने मेले की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। झूले पर सवार कई लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए और चीख-पुकार के बीच पूरा इलाका दहल उठा।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश ने हालात की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना झूले में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इसी दौरान वे खुद गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन तब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर पहुंचा चुके थे।

Faridabad के सूरजकुंड मेले में हादसा

घायल अवस्था में इंस्पेक्टर जगदीश को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी शहादत की खबर फैलते ही पुलिस महकमे और मेले में मौजूद लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी ने लोगों की जान बचाते-बचाते अपनी जान कुर्बान कर दी।

हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश ने असाधारण साहस और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि शहीद इंस्पेक्टर के परिजनों को पॉलिसी के तहत एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और विभागीय लाभ दिए जाएंगे। साथ ही परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया गया।

मिसाल थे इंस्पेक्टर जगदीश

डीजीपी के मुताबिक, जोखिम भरी परिस्थितियों में भी इंस्पेक्टर जगदीश पीछे नहीं हटे। उनकी तत्परता के कारण कई जिंदगियां बच सकीं। उन्होंने कहा कि उनका योगदान पुलिस सेवा की सर्वोच्च परंपराओं का उदाहरण है और उनका निधन विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है। स्वर्गीय इंस्पेक्टर जगदीश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे। 5 मार्च 1968 को जन्मे जगदीश 31 जनवरी 2026 को पलवल पुलिस लाइन से सूरजकुंड मेला ड्यूटी पर भेजे गए थे। अनुशासन, निष्ठा और ईमानदारी के लिए वे हमेशा पहचाने जाते रहे।

घायलों का इलाज जारी

इस हादसे में महिला सहायक उपनिरीक्षक नीलम सहित कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि लापरवाही के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

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