Home » उत्तर प्रदेश » Etawah Safari Park में शेरनी नीरजा ने 4 शावकों को दिया जन्म, CCTV से की जा रही निगरानी

Etawah Safari Park में शेरनी नीरजा ने 4 शावकों को दिया जन्म, CCTV से की जा रही निगरानी

Etawah Safari Park
Etawah Safari Park

Etawah Safari Park : उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क से एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां की शेरनी एशियाई शेर ‘नीरजा’ ने चार शावकों को जन्म दिया है। रविवार रात अलग-अलग समय पर हुए इस जन्म ने सफारी पार्क प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों के बीच खुशी का माहौल बना दिया है। पार्क के अधिकारियों के मुताबिक शेरनी और उसके सभी बच्चे सुरक्षित हैं और फिलहाल उन्हें पूरी तरह शांत वातावरण में रखा गया है ताकि वे बिना किसी परेशानी के स्वस्थ रह सकें।

सफारी पार्क के अधिकारियों ने बताया कि शेरनी नीरजा तीसरी बार मां बनी है। इससे पहले भी वह दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। पिछले दोनों मौकों पर उसने कुल पांच बच्चों को जन्म दिया था।

Etawah Safari Park

अब इन चार नए शावकों के साथ नीरजा के बच्चों की संख्या और बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी वन्यजीव प्रजनन केंद्र के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलती है। सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने जानकारी दी कि चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। जन्म के बाद से शेरनी नीरजा लगातार अपने बच्चों के साथ ही रह रही है और उनका पूरा ध्यान रख रही है। शुरुआती दिनों में शावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए उनके रहने वाले क्षेत्र को शांत और सुरक्षित रखा गया है। डॉक्टरों और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

CCTV से की जा रही निगरानी

नवजात शावकों और शेरनी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्क प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे इलाके की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। अधिकारी लगातार कैमरों के माध्यम से शेरनी और शावकों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इससे बिना उन्हें परेशान किए उनकी सेहत और व्यवहार का अध्ययन भी किया जा रहा है। वन्यजीव प्रबंधन में इस तरह की निगरानी को बेहद जरूरी माना जाता है।

जाने की नहीं है अनुमति

सुरक्षा कारणों से फिलहाल किसी भी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति को शेरनी और उसके शावकों के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई है। पार्क प्रशासन का कहना है कि शुरुआती दिनों में शेरनी अपने बच्चों को लेकर काफी सतर्क रहती है, इसलिए दूरी बनाए रखना जरूरी है। कुछ समय बाद जब शावक थोड़ा बड़े हो जाएंगे और उनकी स्थिति स्थिर हो जाएगी, तब उन्हें देखने के लिए विशेष व्यवस्था की जा सकती है।

अहम उपलब्धि

विशेषज्ञों का मानना है कि सफारी पार्क में शावकों का जन्म वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल पार्क की प्रजनन योजना को मजबूती मिलती है, बल्कि एशियाई शेरों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों को भी बल मिलता है। आने वाले समय में जब ये शावक बड़े होंगे, तो वे पार्क के आकर्षण का केंद्र भी बन सकते हैं और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे।

Read More : Chardham Yatra 2026 की तैयारियां तेज, अप्रैल में होगी लॉटरी

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?