e-Passport : भारत में अब ई-पासपोर्ट की शुरुआत हो चुकी है। यह तकनीक के लिहाज से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि नया कॉन्सेप्ट होने की वजह से आम लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिनके पास अभी पुराना पासपोर्ट है और उसकी वैधता बाकी है, उनका क्या होगा। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि पुराने पासपोर्ट फिलहाल पूरी तरह वैध रहेंगे। जब तक पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट नहीं आती, तब तक उसे बदले जाने की कोई जरूरत नहीं है। जैसे ही पासपोर्ट की वैधता खत्म होगी, नए आवेदन के समय ई-पासपोर्ट ही जारी किया जाएगा। ऐसे में पुराने पासपोर्ट अचानक अमान्य नहीं होंगे।
ई-पासपोर्ट की सबसे बड़ी पहचान उसमें लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप होगी। यही चिप साधारण पासपोर्ट को ई-पासपोर्ट बनाती है। इसमें पासपोर्ट धारक की बेसिक जानकारी सुरक्षित रहती है, जिसे स्कैनिंग के जरिए आसानी से पढ़ा जा सकता है।
e-Passport की एंट्री
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पासपोर्ट मोबाइल या किसी ऐप में दिखने लगेगा। पासपोर्ट बुक पहले की तरह साथ रखना जरूरी रहेगा और उसमें पेज भी होंगे। ई-पासपोर्ट बनवाने के लिए वही दस्तावेज देने होंगे जो सामान्य पासपोर्ट के लिए लगते हैं। पहचान प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी दिया जा सकता है। पते के प्रमाण के लिए बिजली बिल जैसे दस्तावेज मान्य होंगे। वहीं, जन्मतिथि के प्रमाण के लिए बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
ऐसे करें आवेदन
ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। सबसे पहले पासपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। नए यूजर को रजिस्ट्रेशन करना होगा, जबकि पुराने यूजर सीधे लॉगइन कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस के लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा। निर्धारित तारीख पर पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ई-पासपोर्ट तैयार होकर सीधे आपके पते पर भेज दिया जाएगा।
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