Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गए हैं। ट्रंप द्वारा शेयर की गई एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें यीशु मसीह के रूप में दिखाया गया है। इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए आपत्तिजनक बताया, जबकि उनके समर्थकों ने इसे एक प्रतीकात्मक संदेश करार दिया।
इस विवाद के बीच ट्रंप ने कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो XIV पर भी खुलकर हमला बोला। फ्लोरिडा से वॉशिंगटन लौटते समय उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पोप के काम से खुश नहीं हैं।
Donald Trump के पोस्ट पर बवाल
ट्रंप ने पोप को ‘बहुत लिबरल’ बताते हुए आरोप लगाया कि वह रैडिकल लेफ्ट को खुश करने में लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेतृत्व से वह सहमत नहीं हैं, खासकर जब बात विदेश नीति और अपराध जैसे मुद्दों की हो।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस बयान के बाद और बढ़ गया, जिसमें पोप लियो XIV ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ‘सर्वशक्तिमान होने का भ्रम’ इस संघर्ष की एक बड़ी वजह है। ट्रंप के बयान को इसी टिप्पणी का जवाब माना जा रहा है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि पोप अपराध के मामलों में कमजोर हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सही दिशा में काम नहीं कर रहे।
‘यीशु’ वाली तस्वीर ने भड़काई बहस
ट्रंप ने जो तस्वीर शेयर की, उसमें वह एक बीमार व्यक्ति को स्पर्श करते नजर आते हैं, ठीक उसी तरह जैसे धार्मिक चित्रों में यीशु मसीह को दिखाया जाता है। इस तस्वीर को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं काफी तीखी रही हैं। कुछ यूजर्स ने इसे ईशनिंदा बताया और कड़ी आलोचना की, जबकि कुछ ने इसे एक तरह का संदेश या रूपक बताया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर लगातार बहस जारी है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने खुद की तुलना धार्मिक प्रतीकों से की हो। इससे पहले व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पाम संडे का जिक्र करते हुए कहा था कि लोग उन्हें भी ‘राजा’ कहते हैं। इस बयान के बाद भी काफी चर्चा हुई थी और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
Paula White compares Trump to Jesus during event with faith leaders: “You were betrayed and arrested and falsely accused. It’s a familiar pattern that our Lord and Savior showed us. Because of His resurrection, you rose up.” pic.twitter.com/Ddc8hflU34
— Aaron Rupar (@atrupar) April 1, 2026
समर्थन और विरोध में बंटी राय
ट्रंप के इस पूरे विवाद पर लोगों की राय बंटी हुई है। एक ओर जहां आलोचक इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान बता रहे हैं, वहीं समर्थक इसे प्रेरणादायक और प्रतीकात्मक बता रहे हैं। कुछ धार्मिक नेताओं ने भी इस तरह की तुलना को अनुचित बताया है।
इस विवाद का असर अमेरिकी राजनीति पर भी पड़ सकता है। ऐसे बयान और पोस्ट चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि ट्रंप इस विवाद पर आगे क्या सफाई देते हैं और इसका उनके समर्थकों व विरोधियों पर क्या असर पड़ता है।
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