Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना में गणेशपुर से डाटकाली तक 12 किमी लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण पूरी तरह समाप्त हो चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने परियोजना का सेफ्टी ऑडिट भी पूरा कर लिया है। अब सिर्फ औपचारिक उद्घाटन के निर्देशों का इंतजार बचा है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर सड़क सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
कुल 16 स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं, जो वाहनों की गति का परीक्षण करेंगे और ओवरस्पीड होने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। ये कैमरे मीटर व्हीकल एक्ट के तहत परिवहन विभाग के नियंत्रण में भी रहेंगे और स्वतः चालानी कार्रवाई करेंगे।
Delhi-Dehradun Expressway
परियोजना में 12 मोबाइल टावर भी इंस्टाल किए गए हैं। पुराने राजमार्ग पर मोहंड क्षेत्र में नेटवर्क की कमी थी, जिसे अब पूरी तरह दूर कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। मोड़ों पर गति सीमा कम कर दी गई है। साथ ही रोड पर ले-बाय का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें खराबी वाले वाहन को खड़ा किया जा सके। पेट्रोलिंग वाहन और क्रेन दुर्घटना या आपात स्थिति में मदद के लिए हर समय तैनात रहेंगे।
डाटकाली मंदिर के लिए ओवरपास
डाटकाली मंदिर के श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड रोड परियोजना में 700 मीटर लंबा घुमावदार ओवरपास भी बनाया गया है। इसकी लागत करीब 14 करोड़ रुपये है। एलिवेटेड रोड परियोजना कुल 12 किमी लंबी है और इसका बजट 1500 करोड़ रुपये है। इसमें कुल 575 पिलर लगाए गए हैं। दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे का निर्माण 213 किमी में 11 पैकेजों में हो रहा है।
सुविधाएं
- 05 रेलवे ओवर ब्रिज
- 110 वाहन अंडरपास
- 76 किमी सर्विस रोड
- 29 किमी एलिवेटेड रोड
- 16 एग्जिट और एंट्री प्वाइंट
एनएचएआइ अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे परियोजना यात्रियों और श्रद्धालुओं दोनों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेगी। उद्घाटन के बाद इस एलिवेटेड रोड से राजधानी और देहरादून के बीच सफर और भी सुगम और तेज होगा।
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