Delhi News : राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परेड में कई वीवीआईपी और गणमान्य अतिथि शामिल होंगे, इसलिए पूरे क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया है। परेड देखने आने वाले नागरिकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। अगर आप गणतंत्र दिवस की परेड देखने का मन बना रहे हैं, तो अपने साथ सिर्फ जरूरी और अनुमति प्राप्त सामान ही रखें।
आप मोबाइल फोन, वैध टिकट, फोटो पहचान पत्र, आवश्यक दवाइयां और पानी की छोटी बोतल ले जा सकते हैं। सभी दर्शकों को प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद ही अंदर जाने की अनुमति मिलेगी।
Delhi में 77वां गणतंत्र दिवस
सुरक्षा कारणों के चलते कई वस्तुओं को कर्तव्य पथ परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं है। मोबाइल चार्जर, इयरफोन, पावर बैंक, बैटरी से चलने वाले गैजेट, ब्लेड, रेजर, चाकू, कैंची, तार, हथौड़ा, ड्रिल, आरी, तलवार, कटार और पेंचकस जैसी वस्तुएं प्रतिबंधित हैं। अगर कोई दर्शक इन सामानों के साथ पहुंचेगा, तो उसे प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परेड देखने आने वाले नागरिकों से अपील की गई है कि वे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। निर्धारित एंट्री और एग्जिट गेट का ही उपयोग करें और भीड़ प्रबंधन के नियमों का सम्मान करें। बिना अनुमति के फोटो या वीडियो बनाना भी प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाकर्मियों को देने की सलाह दी गई है।
वंदे मातरम् की गूंज
इस साल की परेड का मुख्य विषय ‘स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम् और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत’ रखा गया है। खास बात यह है कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई झांकियों में इस ऐतिहासिक गीत की गौरवगाथा को दर्शाया जाएगा। परेड के दौरान देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता की विशेष झलक देखने को मिलेगी। इस वर्ष परेड में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ 13 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। गुजरात, छत्तीसगढ़, संस्कृति मंत्रालय और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की झांकियों में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा को रेखांकित किया जाएगा। ये झांकियां देश की विविधता, विकास और आत्मनिर्भरता की कहानी कहेंगी।
ऑपरेशन सिंदूर की झांकी
परेड में सैन्य मामलों के विभाग की झांकी में पिछले वर्ष के चर्चित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विजय को प्रदर्शित किया जाएगा। यह झांकी भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, रणनीति और शौर्य का प्रतीक बनेगी, जो दर्शकों में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगी। हिमाचल प्रदेश की झांकी ‘देवभूमि-वीरभूमि’ की परिकल्पना पर आधारित होगी, जबकि महाराष्ट्र की झांकी में गणेशोत्सव की भव्य परंपरा को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा, कई अन्य झांकियां भारत की सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं और ऐतिहासिक गौरव को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।
भारतीय सिनेमा की पहली झलक
इस बार सूचना और प्रसारण मंत्रालय की झांकी खास आकर्षण का केंद्र होगी। ‘भारत कथा: श्रुति, कृति और दृष्टि’ थीम पर आधारित इस झांकी में पहली बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सिनेमा की झलक दिखाई जाएगी। बताया जा रहा है कि इस प्रस्तुति का प्रतिनिधित्व प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली करेंगे, जबकि ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी ‘वंदे मातरम्’ की नई धुन पेश करेंगे, जो परेड को एक नया सांस्कृतिक आयाम प्रदान करेगी।





