CM नीतीश का आदेश, बाढ़ राहत कैंप में होगा कोरोना टेस्ट और टीकाकरण

कोरोना के गहराये संकट और संक्रमण के खतरे को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राहत कैंपों में कोरोना जांच और टीकाकरण का काम अनिवार्य रूप से कराने का निर्देश दिया है. सीएम ने कहा है कि जांच के दौरान कैंप में जो भी संक्रमित पाए जाते हैं उनके रहने और देखभाल की अलग से व्यवस्था की जाए. सीएम नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण और बाढ़ दोनों के एकसाथ सामने होने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अभी कोरोना का दौर भी है और साथ ही अब बाढ़ की स्थिति भी सामने है. इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत का काम योजनाबद्ध तरीके से करें और आगे के लिए पूरी तरह से सतर्क रहें. उन्होंने इस दौरान सभी तैयारियों को रखने का निर्देश भी दिया है.

बता दें कि बिहार ने कोरोना के दूसरे लहर की मुसीबत पर अब बहुत हद तक लगाम लगाया है. सूबे के आठ जिलों में पिछले 24 घंटे के अंदर कोई भी नया कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया है. कोरोना मुक्त होनेवाले जिलों का सिलसिला 20 दिन पहले शुरू हो गया था. तब से कोरोना संक्रमण से मुक्त होनेवाले जिलों की संख्या में उतार-चढ़ाव आता रहा. गुरुवार को राज्य के 30 जिलों में 115 नये संक्रमित पाये गये हैं. राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 130480 सैंपलों की जांच की गयी. राज्य में 1140 एक्टिव केस और रिकवरी दर 98.51 प्रतिशत है. राज्य का संक्रमण दर यथावत 0.08 प्रतिशत बना हुआ है. इस दौरान 155 लोग ठीक हुए हैं जबकि दो लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है. वहीं बाढ़ ने प्रदेश के अंदर तबाही मचानी शुरू कर दी है.

नेपाल में आई बाढ़ भी बिहार के लिए आफत बन चुकी है. सैंकड़ो गांव जलमग्न हो चुके हैं. वहीं पलायन का सिलसिला भी जारी है. लोग अपनी जान बचाने निचले इलाके को खाली कर रहे हैं और कैंप वगैरह में शरण ले रहे हैं. कोरोना संक्रमण फैलने का भय यहां अधिक है.

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