डीजल-पेट्रोल रेट पर बोले CM नीतीश-गौर नहीं किया था, अब टैक्स कम करने पर करेंगे विचार

मुख्यमंत्री नीतीश का जनता दरबार खत्म हो गया। सीएम लगातार दूसरे सोमवार को जनता के दरबार में हाजिर होकर लोगों की शिकायतें सुनी। पॉपुलेशन पर शिवसेना नेता संजय राउत के बयान पर मुख्यमंत्री ने तल्ख तेवर में कहा कि ऐसे लोगों का हम नोटिस ही नहीं लेते। वहीं डीजल-पेट्रोल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि पर कहा कि हां दाम तो बढ़े हैं। अखबारों में पढ़ते रहते हैं. लेकिन मूल्य रोकने के लिए क्या उपाय किये जाएं इस पर अभी विचार नहीं किया है।

मुख्यमंत्री नीतीश से पूछा गया कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस पर सीएम ने कहा कि हां वो सब तो है…..। उन्होंने कहा कि टैक्स कम करने को लेकर हमलोगों ने कभी गौर नहीं किया है।ईमानदारी से बता देते हैं…. रेट तो बढ़ रहा है लेकिन इस पर कभी गौर नहीं किया है। टैक्स करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर गौर करेंगे। हमलोग इस पर गौर करेंगे और आपस में विचार करेंगे। अखबार में रोज छपता है,हम देखते हैं…इस पर क्या किया जा सकता है। 

दरअसल पॉपुलेशन पर मुख्यमंत्री के बयान के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि बीजेपी को नीतीश कुमार की सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। इसके बाद आज नीतीश कुमार ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम ऐसे लोगों के बयान का नोटिस ही नहीं लेते हैं। आप सवाल पूछ रहे हैं तो बता देते हैं। उन्होंने कहा कि उसे कुछ समझ है,खुद कहां है जानते हैं? हम ऐसे लोगों के बयान का नोटिस भी नहीं लेते हैं। इन लोगों की बात पर हम ध्यान नहीं देते हैं. आप बता रहे हैं कि वो कुछ बोल रहा था? मुख्यमंत्री ने पूछा कि वो क्या बोल रहा था? इस पर मुख्यमंत्री से कहा गया कि आपने पॉपुलेशन पर जो बयान दिया था उसके बाद शिवसेना नेता ने भाजपा से समर्थन वापस लेने को कहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तो उस दिन कहा ही था कि शिक्षा से लोगों में जागरूकता आ रही है। इससे प्रजनन दर में कमी आई है। शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि किसको छोड़ कर कहा गया है,किसको छोड़कर कहां आने वाला है यह तो वो जाने….। हमलोग बिना वजह किसी पर कुछ नहीं बोलते। कृषि कानून पर जारी विरोध पर सीएम नीतीश ने कहा कि कोरोना काल में इस तरह का विरोध उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने कई दफे बातचीत की है,एक बार पिर से कर ले। लेकिन यह विरोध कुछ इलाकों में है। उनलोगों के साथ बातचीत कर समाधान होना चाहिए।

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