दिल्ली से पटना के लिए रवाना हुए चिराग, पिता की पहली जयंती पर बोले-आपकी बहुत याद आती है, वादों को करूंगा पूरा

चिराग पासवान आज बिहार पहुंच रहे हैं। पिता रामविलास पासवान की पहली जयंती पर आज आशीर्वाद यात्रा का हाजीपुर से आगाज करेंगे। आशीर्वाद यात्रा के जरिए ही चिराग शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। वे चाचा पारस को यह बताएंगे कि पार्टी के असली हकदार वही हैं। दिल्ली से पटना के लिए निकलने से पहले चिराग ने ट्विटर पर पिता के साथ की पुरानी तस्वीर शेयर की। उन्होंने लिखा- आप की बहुत याद आती है। मैं आप को दिए वादे को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहा हूं। आप जहां कहीं भी हैं मुझे इस कठिन परिस्थिति में लड़ते देख आप भी दुखी होंगे। आप ही का बेटा हूं, हार नहीं मानूंगा। मैं जानता हूं आपका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। इसके बाद उन्होंने पिता की तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा कि संघर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा हूं।

चिराग पटना पहुंचने के बाद सबसे पहले हाईकोर्ट के पास स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर मार्ल्यापण करेंगे। फिर राजेंद्र नगर टर्मिनल, धनुकी मोड़ से गांधी सेतु के रास्ते वैशाली जिले के जढ़ुआ पहुंचेंगे। वहां बरैय टोला के जगदम्बा स्थान में बाबा चौहरमल की प्रतिमा मार्ल्यापण करने के बाद सुल्तानपुर गांव पहुंचेंगे। वहां दीना पासवान के घर के बाहर अपने पिता की पहली जयंती मनाएंगे। फिर शाम को 5 बजे उनकी आशीर्वाद यात्रा शुरू होगी। जो हाजीपुर, रामाशीष चौक और सोनपुर होते हुए दीघा के रास्ते वापस पटना आ जाएंगे। एलजेपी के लिए भी आज का दिन बेहद अहम है। दो-फाड़ हो चुकी पार्टी पर चिराग पासवान की पकड़ कितनी गहरी है, यह आज की उनकी आशीर्वाद यात्रा से साफ हो जाएगा। रामविलास पासवान की विरासत की इस जंग में उनकी जयंती के अवसर पर बेटे चिराग यात्रा के माध्‍यम से सहानुभूति बटोरने के साथ शक्ति प्रदर्शन करेंगे। रामविलास पासवान की विरासत पर दावे में पार्टी का दूसरा गुट भी भला पीछे क्‍यों रहता? एलजेपी के पारस गुट के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस भी पांच जुलाई को पटना में अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए बड़ा आयोजन करने की तैयारी में जुटे हैं।

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