Pradosh Fast 2026:- साल 2026 शुरू होने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में जनवरी शुरू होते ही इस महीने के पहले ही दिन गुरु प्रदोष व्रत है। इस दिन अगर आप मां पार्वती और भगवान शिव की पूजा आराधना करते हैं और इसके साथ ही उन्हें प्रसन्न करना चाहते हैं। इस व्रत को करके आप शत्रु के भय को समाप्त करना चाहते हैं और कारोबार के साथ करियर से जुड़ी सभी समस्याओं से छुटकारा चाहते हैं, तो ऐसे अवसर पर आपको महादेव के इस सिद्ध मंत्र का जाप करना होगा।
अगर आप इन मंत्रो का जाप करते हैं तो आपके सभी मां की मुरादे पूरी होगी और मां पार्वती और भगवान शिव आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे। आइए इस सिद्ध मंत्र के बारे में विस्तार से जानते हैं।
शिव मंत्र
1. सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।।
2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
3. नमामिशमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं।।
4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
5. ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
6. ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।
7. “सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणी नमोस्तुते।।”
8. हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया
तथा माम् कुरु कल्याणी कान्त कान्ता सुदुर्लभाम्।”
9. ‘मुनि अनुशासन गनपति हि पूजेहु शंभु भवानि।
कोउ सुनि संशय करै जनि सुर अनादि जिय जानि‘।
10. निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाश माकाश वासं भजेऽहं।।
प्रदोष व्रत के लाभ और महत्व
गुरु प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व है। सनातन शास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत की महिमा को बहुत ही विस्तार पूर्वक बताया गया है। इस व्रत को करने से इसका फल आपको दिन के मुताबिक मिलता है। गुरु प्रदोष व्रत अगर आप करते हैं तो इससे आपके जीवन में शत्रु का भय और करियर के साथ कारोबार से जुड़ी सभी समस्याएं समाप्त होने लगती हैं। इससे भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा आप पर बनी रहती है।
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