बिहार में पुलिसवालों की ट्रेनिंग पैटर्न में बदलाव, इंडोर व आउटडोर ट्रेनिंग कैलेंडर तैयार

बिहार पुलिस अपने को अपडेट करने के लिए आने वाले समय में कई बदलाव करेगी. खास कर पुलिस विभाग में छोटे स्तर से पुलिस अधिकारियों को ट्रेनिंग के माध्यम से अपडेट करने की बात कही जा रही है. जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग की प्रशिक्षण शाखा ने एएसआइ आदि की ट्रेनिंग के लिए इंडोर व आउटडोर ट्रेनिंग कैलेंडर तैयार कर रही है. इनडोर कैलेंडर में एफएसएल जांच, केस अनुसंधान के बदलते पैटर्न, साइबर क्राइम का बढ़ता ग्राफ के साथ कई नये सब्जेक्ट आदि के बारे में नये सिरे से जानकारी दी जायेगी.

वहीं आउटडोर प्रशिक्षण में दारोगा से लेकर अन्य पुलिस पदों के प्रशिक्षुओं को ट्रेनिंग देने के लिए अब आर्मी के एक्स अफसर बहाल किये जायेंगे. आधुनिक हथियारों ने गोली चलाने और सेवा के दौरान भी बीच-बीच में ट्रेनिंग देकर आधुनिक हथियारों के साथ गोली चलाने का प्रशिक्षण रहेगा. पुलिस अफसर के अनुसार केवल कुछ राउंड की फायरिंग के बाद यह नहीं माना जा सकता कि पुलिस गोली चलाने में माहिर हो गयी है. इसलिए ट्रेनिंग के फायर राउंड को लगभग दोगुना किया जायेगा.

बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर सीधी भर्ती प्रक्रिया के लिए लिखित परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम में संशोधन किया गया है. सिपाही भर्ती परीक्षा अब 100 अंकों की होगी और परीक्षा की अवधि भी अब बढ़ा दी गयी है, जिसके तहत अब परीक्षा दो घंटे की ली जायेगी. कैबिनेट से इसे फरवरी माह में भी स्वीकृति दे दी है. ऐसे में अब आगे आने वाली सिपाही भर्ती की परीक्षाएं नये पैटर्न के अनुसार ही होंगी. इस बार पुलिस विभाग कई तरह के अत्याधुनिक ट्रेनी उपकरणों की भी खरीद करेगी. पुलिस सूूत्रों के लिए अनुसार उपकरणों की परंपरागत खरीद के लिए जिलों तथा पुलिस विभाग की अन्य इकाइयों की अनुशंसा आ गयी है. बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण पर 20.90 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होगी. पुलिस ट्रेनिंग के लिए नाइन एमएम, 5.56 इंसास, 7.62 एसएलआर, एके-47 और 5.56 एलएमजी की 10-10 हजार गोलियों सहित करीब 50 हजार गोलियां खरीदी जायेगी. इसके साथ ही वैज्ञानिक जांच के लिए अत्याधुनिक लैब भी बनाये जायेंगे.

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