Business Idea : भारत में बीते कुछ वर्षों में सेहत को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। कोविड महामारी ने यह एहसास करा दिया कि सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि मजबूत शरीर और अच्छी इम्यूनिटी से ही मुश्किल वक्त का सामना किया जा सकता है। इसके बाद से युवाओं ही नहीं, बल्कि 30-40 की उम्र पार कर चुके लोग भी नियमित एक्सरसाइज और फिटनेस रूटीन की ओर लौटे हैं। तनाव, भागदौड़ और बैठकर काम करने वाली जीवनशैली ने लोगों को मजबूर किया कि वे अपने शरीर पर ध्यान दें। एक समय था जब जिम जाना पुरुषों तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है।
महिलाएं बड़ी संख्या में जिम, योगा स्टूडियो और फिटनेस क्लासेस जॉइन कर रही हैं। जुंबा, पिलाटेस, योग और वेट ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों में उनकी भागीदारी ने फिटनेस इंडस्ट्री को नया आयाम दिया है। जिम अब सिर्फ एक्सरसाइज की जगह नहीं, बल्कि एक सोशल और लाइफस्टाइल स्पेस बनता जा रहा है।
Business Idea: तेज रफ्तार ग्रोथ
आंकड़े के मुताबिक, फिटनेस सिर्फ शौक ही नहीं, बल्कि एक बड़ा बाजार बन चुका है। भारत का फिटनेस उद्योग करीब 16 हजार करोड़ रुपये के आसपास है और आने वाले वर्षों में इसके दोगुना होने की संभावना जताई जा रही है। खास बात यह है कि यह ग्रोथ सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी जिम और फिटनेस सेंटर्स तेजी से खुल रहे हैं, जहां पहले ऐसी सुविधाएं गिनी-चुनी थीं। जो लोग इस बढ़ते ट्रेंड को बिजनेस में बदलना चाहते हैं, उनके लिए सही प्लानिंग सबसे जरूरी है। सबसे पहले लोकेशन का चुनाव अहम होता है। रिहायशी इलाका, ऑफिस हब या कॉलेज के आसपास का क्षेत्र बेहतर माना जाता है। इसके बाद तय करना होता है कि आप खुद का इंडिपेंडेंट जिम खोलेंगे या किसी बड़ी चेन की फ्रेंचाइजी लेंगे। दोनों के अपने फायदे और सीमाएं हैं।
मशीनों से लेकर ट्रेनर्स तक का गणित
जिम सिर्फ मशीनें लगाने से नहीं चलता। कार्डियो इक्विपमेंट, वेट्स, मैट्स और ग्रुप क्लासेस के लिए स्पेस के साथ-साथ अनुभवी और सर्टिफाइड ट्रेनर्स की जरूरत होती है। आज के दौर में लोग एक्सरसाइज के साथ-साथ गाइडेंस और पर्सनल अटेंशन चाहते हैं। महिलाओं के लिए अलग सेक्शन या स्पेशल क्लासेस रखने से मेंबरशिप बढ़ने की संभावना भी रहती है। शुरुआती निवेश की बात करें तो एक मीडियम लेवल जिम खोलने में 20 से 50 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। अच्छी प्लानिंग और सही लोकेशन के साथ यह रकम एक-दो साल में निकल सकती है। हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। बड़ी जिम चेन से मुकाबला, बढ़ता किराया, बिजली और मेंटेनेंस का खर्च, और मेंबर्स को लंबे समय तक जोड़े रखना आसान नहीं होता।
रहेगा भविष्य
कमाई का दायरा जिम के स्तर पर निर्भर करता है। साधारण जिम महीने में कुछ लाख रुपये का टर्नओवर कर सकता है, जबकि प्रीमियम फिटनेस सेंटर इससे कहीं ज्यादा कमा लेते हैं। न्यूट्रिशन काउंसलिंग, पर्सनल ट्रेनिंग और ऑनलाइन क्लासेस जैसे ऑप्शन अतिरिक्त कमाई के रास्ते खोलते हैं।
Read More : कोचीन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कराई AI Express Flight की इमरजैंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित





