BJP : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा जब वे भिवंडी कोर्ट में मानहानि मामले की सुनवाई के लिए जा रहे थे। महाराष्ट्र के मुलुंड इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोककर काले झंडे दिखाए। प्रदर्शन के दौरान तीखी नारेबाजी हुई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माहौल गरमा गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
यह मामला 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार से जुड़ा है। उस दौरान राहुल गांधी ने एक सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर महात्मा गांधी की हत्या को लेकर टिप्पणी की थी। इसी बयान को आधार बनाकर संघ से जुड़े कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया।
BJP कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे
शिकायत भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत की गई, जिसमें आरोप है कि बयान से संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा। भिवंडी की अदालत में चल रही यह कानूनी लड़ाई लंबे समय से चर्चा में है। राहुल गांधी पहले भी इस मामले में पेश हो चुके हैं। अदालत में जमानत और आगे की कार्यवाही को लेकर कानूनी दलीलें रखी जा रही हैं। कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बता रही है, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष इसे प्रतिष्ठा से जुड़ा प्रश्न मानता है।
जुड़ा राजनीतिक टकराव
इसी बीच दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को लेकर भी सियासत तेज हो गई। एक दिन पहले युवा कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल के एक हॉल में प्रवेश कर नारेबाजी की थी। उनका आरोप था कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर सरकार ने जल्दबाजी दिखाई है। इस घटना के बाद भाजपा ने देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किए।
देशभर में विरोध-प्रदर्शन
दिल्ली के अलावा सूरत और हैदराबाद समेत कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों को बाधित करना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है। वहीं कांग्रेस का तर्क है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। मुलुंड की घटना ने साफ कर दिया है कि अदालत की कार्यवाही के साथ-साथ यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। भिवंडी कोर्ट में अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां कानूनी दलीलों के बीच इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय होगी।
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