बिहार पंचायत चुनाव: इन जिलों में चुनावी सभा नहीं कर पाएंगे उम्मीदवार, देखें अपने जिले का नाम

बिहार में पंचायत चुनाव ( Bihar Panchayat Chunaw) 24 सितंबर से लेकर 12 दिसंबर तक कुल 11 चरणों में होने वाले हैं. इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (Bihar State Election Commission) लगातार अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है. इसके साथ ही प्रत्याशियों के लिए गाइडलाइन्स भी जारी किए जा रहे हैं. इसी क्रम में  सुरक्षा को लेकर भी चुनाव आयोग (Election Commission) की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है. इसी सिलसिले में आयोग ने निर्देश दिया है कि सुरक्षा के मद्देनजर पंचायत चुनाव में प्रत्याशी एवं उनके समर्थक सीमा से सटे इलाकों में चुनावी सभा नहीं करेंगे. एटीएस के एडीजी रविंद्रन शंकरन (ATS ADG Ravindran Sankaran) ने पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी और पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज  (Purnia, Araria, Katihar, Kishanganj)के पुलिस अधीक्षकों को यह दिशा-निर्देश दिया है.

इसके साथ ही एटीएस के एडीजी ने आईजी को जल्द ही सीमा से लगे क्षेत्रों में जाकर बॉर्डर मीटिंग करने को लेकर भी दिशा-निर्देश दिया है. बताया जाता है कि अभी से ही इंडो- नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर के आसपास और बीएसएफ के जवानों के द्वारा एहतियात बरतने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि पंचायत चुनाव के दौरान भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कोई संदिग्ध प्रवेश कर नहीं पाएं.

मिली जानकारी के अनुसार इस तरह की तमाम नाकेबंदी करने का काम अभी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों ने शुरू कर दिया है.  जल्द ही इस मामले को लेकर पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी सुरेश प्रसाद चौधरी रूपरेखा तैयार कर इसे लागू करवाएंगे. पंचायत चुनाव के मद्देनजर एसएसबी के जवानों ने भी सीमाई इलाकों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. बता दें कि एटीएस के एडीजी ने किशनगंज और अररिया के पुलिस अधीक्षक को विशेष दिशा-निर्देश दिया है और दोनों पुलिस अधीक्षक को एसएसबी और बीएसएफ के वरीय अधिकारियों से संपर्क कर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और सीमाई इलाकों पर विशेष नजर रखने का दिशा निर्देश भी दिया है.  इस बीच सीमा से लगे चारों जिले के पुलिस अधीक्षक के द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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