LJP में बगावत के लिए जदयू नेतृत्व से हुई बड़ी डील!, बागियों को 4 MLC और एक MLA सीट मिलेगी : सूत्र

इस वक्त एलजेपी में जारी घमासान के बीच राजनीतिक गलियारे से बड़ा मामला सामने आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से चल रहा चाचा-भतीजे के बीच के विवाद की पटकथा 5 महीने पहले से लिखी जा रही थी। इसे लिखने वाले जदयू के शीर्ष नेता हैं। उन्होंने जातीय आधार पर बाहुबली नेता और एलजेपी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को अपने भरोसे में लिया और चिराग को अपने ही घर में अकेला करने का खेल शुरू हुआ। यही नहीं इस खेल के एवज में बंद कमरे के अंदर जदयू और एलजेपी के बागियों के बीच एक बड़ी डील भी हुई। खबर है कि एलजेपी में बगावत करने के लिए सभी 5 सांसदों को तोहफे में MLC की एक-एक सीट मिलेगी। जदयू नेतृत्व की ओर से मिली परमिशन के बाद तख्तापलट का खेल शुरू हो गया।

खबर है कि इस पूरे खेल लीड कर रहे सांसद पशुपति पारस को हाजीपुर या समस्तीपुर से एक सीट, सांसद प्रिंस राज के भाई कृष राज को खगड़िया से, नवादा सांसद चंदन सिंह की भाभी व पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी को मुंगेर से सीट मिलेगी। सांसद वीणा देवी के पति दिनेश सिंह, जो वर्तमान में MLC हैं, उनकी सीट बरकरार रहेगी। वहीं, सांसद महबूब अली कैसर अपनी बहु को खगड़िया से विधानसभा चुनाव में जदयू के समर्थन से मैदान में उतारने की इच्छा जता चुके हैं।

सूत्र बताते हैं कि चिराग को अपने चाचा पारस से ज्यादा सूरजभान सिंह पर विश्वास था। लेकिन जदयू नेतृत्व के संपर्क में आने के बाद सूरजभान का मन बदल गया। वो उनके रंग में रंगते चले गए। अंदर ही अंदर पारस को अपने खेमे में कर एलजेपी की जड़ों को काटने लगे। इसके बाद बाकी के सांसदों को भी अपने पाले में कर लिया गया। हालांकि इस डील पर जदयू की ओर से कोई भी नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एमएलसी संजय सिंह ने इस तरह की किसी भी डील से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि एलजेपी में जारी प्रकरण से जदयू का कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह की जो भी बातें कही जा रही हैं, वह अफवाह है।

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