Best Business Idea : गांवों में रहने वाले युवाओं और किसानों के लिए इन दिनों एक ऐसा धंधा तेजी से चर्चा में है, जिसमें न ज्यादा पूंजी लगती है, न भारी-भरकम मशीनें चाहिए। मामूली खर्च में शुरू होकर महीनों में मुनाफा देने वाला यह कारोबार मुर्गी पालन है। बाजार में अंडे और चिकन की लगातार बढ़ती मांग ने इस कारोबार की चमक और बढ़ा दी है। दरअसल, शहर हो या गांव, दोनों जगह अंडे और चिकन की खपत लगातार बढ़ रही है। लोग प्रोटीन के सस्ते और भरोसेमंद स्रोत के रूप में इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। यही वजह है कि मुर्गी पालन उन कुछ कारोबारों में शामिल हो गया है, जिस पर मंदी और बाजार की उठा-पटक का कोई खास असर नहीं पड़ता।
कम जगह, कम खर्च और तेज रिटर्न… यह 3 बातें मिलकर इसे खासतौर पर युवाओं और छोटे किसानों के लिए लाजवाब विकल्प बनाती हैं। सबसे बड़ी बात इस बिजनेस में मार्केट का टेंशन भी कम रहता है, क्योंकि गांव-कस्बों में खरीददार आसानी से मिल जाते हैं।
Best Business Idea: ये नस्ल देगी ज्यादा फायद
कमाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आप कौन-सी नस्ल पालते हैं। अंडों के लिए व्हाइट लेगहॉर्न सबसे ज्यादा पॉपुलर नस्ल है। यह मुर्गी एक साल में करीब 250 से 300 अंडे देती है। मांस के लिए कड़कनाथ, वनराजा और ग्रामप्रिया जैसी नस्लें तेजी से वजन पकड़ती हैं। खासकर कड़कनाथ की कीमत बाजार में बहुत अच्छी मिलती है, क्योंकि इसका मांस सेहत के लिए ज्यादा लाभकारी माना जाता है।
केवल इतने में हो जाता है काम
ये समझना जरूरी है कि मुर्गी पालन कोई भारी-भरकम निवेश वाला धंधा नहीं है। छोटे स्तर पर इसे शुरू करने में 10–20 हजार रुपये भी काफी हैं। थोड़ा सा शेड 50 से 100 चूजे, कुछ खाने-पानी के बर्तन और शुरुआती दवाएं बस इतना ही चाहिए। एक छोटे मुर्गी फार्म के लिए आमतौर पर 9,000 से 17,000 रुपये का खर्च बैठता है।
कमाई का आसान हिसाब
अंडे बेचते हैं तो 100 मुर्गियों से रोज़ 80 से 90 अंडे मिलना आम बात है। अगर एक अंडा सिर्फ 5 रुपये में भी बिके, तो महीने की कमाई आसानी से 12 से 14 हजार रुपये हो जाती है। अगर आप मांस के लिए मुर्गियां 45 से 60 दिनों में ये 1.5 से 2 किलो वजन पकड़ लेती हैं। प्रति मुर्गी औसतन 150 से 200 रुपये का फायदा निकल आता है। 100 मुर्गियों का एक बैच ही 15 से 20 हजार रुपये हाथ में दे देता है। साल में 5 से 6 बैच निकाल लें, तो 75,000 से 1.2 लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है।
सफलता के फंडे
- मुर्गियों को संतुलित दाना और साफ पानी दें।
- समय पर टीकाकरण ज़रूरी है।
- रानीखेत जैसी बीमारियों से बचाव पर खास ध्यान रहे।
- सीधे ग्राहकों को बेचेंगे तो मुनाफा बढ़ जाता है।
- सरकारी योजनाओं व NABARD की सब्सिडी का पूरा फायदा उठाएं।
सोने की खान
कम निवेश और तेजी से रिटर्न वाला यह व्यवसाय ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा मौका लेकर आया है। सही योजना, थोड़ी मेहनत और बाजार की समझ हो, तो यह धंधा स्थायी और मजबूत आय का जरिया बन जाता है। गांव में रोजगार का ऑप्शन ढूंढ रहे युवा मुर्गी पालन से अपनी आर्थिक स्थिति को काफी बेहतर बना सकते हैं।
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